
Bijnor Murder News: बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र में सात साल पुराने प्रेम संबंध का बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज अंत सामने आया है। शादी को लेकर हुए विवाद में एक युवक की उसकी प्रेमिका, उसके दो भाइयों और अन्य साथियों ने मिलकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए प्रेमिका समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, पुलिस अब इस हत्याकांड में शामिल अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव चक महदूद सानी निवासी 32 वर्षीय नफीस मंगलवार सुबह करीब छह बजे घर से टहलने के लिए निकला था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने आसपास उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद नफीस की मां तस्वीरन ने स्योहारा थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराते हुए पुलिस से उसे तलाशने की गुहार लगाई।
घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब बुधवार को गांव अलादीनपुर निवासी उवैश स्वयं स्योहारा थाने पहुंचा और नफीस की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम मुरादाबाद जिले के सलेमपुरगढ़ी स्थित आम के बाग के पास पहुंची, जहां रामगंगा नदी किनारे खंदक से नफीस का शव बरामद किया गया।
पुलिस ने इस मामले में उवैश पुत्र अहमद हसन, साजिद पुत्र अहमद हसन और सितारा पुत्री अहमद हसन को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ब्रेजा कार, एक कुल्हाड़ी तथा खून से सनी टी-शर्ट भी बरामद की है। इन सभी साक्ष्यों को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नफीस और सितारा पिछले लगभग सात वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध था। हालांकि, सितारा का परिवार इस रिश्ते का लगातार विरोध कर रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोप है कि नफीस कई बार सितारा के लिए आने वाले विवाह प्रस्तावों को भी तुड़वा देता था। हाल ही में मुंबई से गांव लौटने के बाद उसने फिर से सितारा पर शादी करने का दबाव बनाया, जिससे परिवार में नाराजगी और बढ़ गई।
पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाले दिन सितारा, उसके भाई उवैश और साजिद सहित अन्य लोगों ने नफीस को अपने घर बुलाया। वहां पहुंचने के बाद उसके हाथ रस्सी से बांध दिए गए। इसके बाद उसकी आंखों और मुंह पर कपड़ा बांधकर उसे काबू में कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि जब नफीस ने विरोध किया तो आरोपियों ने कुल्हाड़ी के बेंट से उसके चेहरे पर वार किया, जिससे वह बेहोश हो गया।
पुलिस के अनुसार, बेहोश होने के बाद आरोपियों ने नफीस को एक परिचित की ब्रेजा कार में बैठाकर थाना कांठ क्षेत्र के सलेमपुरगढ़ी स्थित रामगंगा नदी किनारे जंगल में पहुंचाया। वहां चाकू से उसका गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को खंदक में फेंक दिया गया ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके। पुलिस का यह भी कहना है कि लौटते समय आरोपियों ने नफीस का मोबाइल फोन तोड़ दिया, जिससे सबूत मिटाए जा सकें।
स्योहारा पुलिस का कहना है कि इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और जांच के आधार पर यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की सभी कड़ियों को जोड़ने और मामले में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी हुई है।