Bijnor News: बिजनौर में ओवरलोडिंग और अनफिट वाहनों पर सख्ती के निर्देश जारी हुए हैं। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने एआरटीओ को दिन-रात औचक चेकिंग, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
Road Safety Overloading Bijnor: बिजनौर जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले की सड़कों पर नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है और इसे रोकने के लिए सभी विभागों को एकजुट होकर काम करना होगा।
जिलाधिकारी ने उप संभागीय परिवहन विभाग (एआरटीओ) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में दिन और रात दोनों समय औचक चेकिंग अभियान चलाया जाए। ओवरलोडिंग वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर वाहन सीज किए जाएं।
डीएम ने कहा कि ओवरलोडिंग न केवल सड़क की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाती है बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी कई गुना बढ़ा देती है। उन्होंने परिवहन विभाग को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती बरती जाए ताकि दूसरों को भी सबक मिल सके।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य सड़क से जुड़े विभागों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य मार्ग से जुड़ने वाले टी-प्वाइंट और ब्लाइंड मोड़ों पर कम से कम एक किलोमीटर पहले स्पष्ट साइनेज, रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।
इसका उद्देश्य वाहन चालकों को पहले से सचेत करना है ताकि वे गति नियंत्रित कर सकें और हादसों की संभावना कम हो। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सुरक्षा संकेतक समय पर लगाए जाएं और उनकी नियमित जांच भी की जाए।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि सड़क पर कोई भी अनफिट वाहन चलता हुआ नजर नहीं आना चाहिए। इसके लिए परिवहन विभाग को फिटनेस जांच में तेजी लाने और सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। फिटनेस पास कर चुके वाहनों पर विजुअल स्टीकर लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दूर से ही यह पता चल सके कि वाहन मानकों पर खरा उतरता है या नहीं। डीएम ने चेतावनी दी कि बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के पकड़े गए वाहनों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने रेड लाइट जंपिंग, ओवर स्पीडिंग, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने और शराब पीकर ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अनाधिकृत रूप से संचालित वाहनों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे लापरवाह चालक न केवल अपनी जान खतरे में डालते हैं, बल्कि दूसरों की जिंदगी भी जोखिम में डालते हैं।
बैठक में उन स्थानों को चिन्हित करने पर भी जोर दिया गया जहां सड़क दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऐसे ब्लैक स्पॉट्स की सूची तैयार कर तत्काल सुधार कार्य कराए जाएं। इसमें सड़क चौड़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और ट्रैफिक कंट्रोल के उपाय शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे में सुधार भी जरूरी है।