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बिजनौर में दहेज की बलि: साढ़े चार साल बाद मिला इंसाफ, पति समेत तीन दोषियों को 10-10 साल कैद!

Bijnor News: बिजनौर के स्योहारा में दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने पति समेत तीन दोषियों को 10-10 साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।

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bijnor dowry murder husband sentenced

पति समेत तीन दोषियों को 10-10 साल कैद! Image Source - Pexels

Dowry Murder Bijnor: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के स्योहारा क्षेत्र में साढ़े चार साल पहले हुई दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट संख्या-7 के अपर जिला जज अशोक भारतेंदु ने विवाहिता मरजीना की हत्या के मामले में पति सलमान, ससुर शरीफ अहमद और सास शबनम को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने तीनों पर कुल 1 लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

मायके वालों की शिकायत से खुला मामला

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज चौहान ने बताया कि इस मामले में मृतका के भाई मोहम्मद अरशद ने थाना स्योहारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अरशद ने शिकायत में बताया कि उसने अपनी बहन मरजीना की शादी घटना से करीब चार महीने पहले स्योहारा क्षेत्र के मंगलखेड़ा गांव निवासी सलमान से की थी। शादी के बाद कुछ ही समय में ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हो गई, जिससे परिवार में तनाव का माहौल बन गया था।

कम दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ना

अदालत में पेश किए गए बयानों के अनुसार मरजीना को उसके पति सलमान, ससुर शरीफ अहमद और सास शबनम द्वारा कम दहेज लाने के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने बताया कि आरोपी आए दिन मारपीट करते और दहेज में और सामान लाने का दबाव बनाते थे। मरजीना कई बार अपने मायके पक्ष को प्रताड़ना की जानकारी दे चुकी थी, लेकिन सामाजिक दबाव और समझौते की उम्मीद में मामला वहीं दबा रह गया।

एक रात ने छीन ली जिंदगी

28/29 अगस्त 2021 की रात दहेज को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार तीनों आरोपियों ने मिलकर मरजीना का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए ताकि साक्ष्यों से बच सकें। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और गांव में मातम पसर गया।

पुलिस जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के भाई मोहम्मद अरशद जब बहन के ससुराल पहुंचे तो उन्होंने मरजीना का शव घर में पड़ा पाया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।

सात गवाहों के बयान

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाहों को अदालत में पेश किया गया। गवाहों के बयानों और उपलब्ध ठोस साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दहेज के लिए किसी महिला की हत्या समाज के लिए गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लग सके।