
कलयुगी पिता को मिली पाप की सजा | Image Source - Pexels
Father life imprisonment son murder Bijnor: उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां न्याय के मंदिर ने एक कलयुगी पिता को उसके जघन्य अपराध की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रकाश चंद्र शुक्ला ने अपने ही बेटे की हत्या के दोषी चतर सिंह को आजीवन कारावास की सजा दी है।
कोर्ट ने न केवल जेल की सजा सुनाई, बल्कि दोषी पर 1 लाख 1 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो पारिवारिक विवादों में कानून को अपने हाथ में लेते हैं।
यह दर्दनाक घटना करीब सवा साल पहले शहर की काशीराम कॉलोनी में घटित हुई थी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मुकेश चौहान के अनुसार, घटना की रात घर में चीख-पुकार मची थी। मृतक अक्षय की पत्नी चंद्रावती ने पुलिस को बताया था कि 10-11 नवंबर की रात को उसके पति और ससुर चतर सिंह दोनों शराब के नशे में धुत थे। नशे की हालत में दोनों के बीच मामूली बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया।
झगड़ा इतना बढ़ा कि आवेश में आकर चतर सिंह ने पास रखा चाकू उठाया और अपने सगे बेटे अक्षय के सीने में उतार दिया। वारदात के वक्त घर में अक्षय की मां राजेश्वरी, बहन रीना और भाभी दीपा भी मौजूद थीं, जो बेबस होकर इस खौफनाक मंजर को देख रही थीं। खून से लथपथ अक्षय जमीन पर गिर पड़ा। चंद्रावती ने तुरंत हिम्मत दिखाई, 108 नंबर पर एंबुलेंस बुलाई और पुलिस को सूचना दी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने अक्षय को मृत घोषित कर दिया।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद रिश्तेदारों ने भागने की कोशिश कर रहे आरोपी चतर सिंह को खून से सने चाकू के साथ पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठोस चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कड़ी पैरवी की और कोर्ट के सामने नौ महत्वपूर्ण गवाह पेश किए। इन गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने शनिवार को चतर सिंह को अपने ही बेटे का कातिल करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
Published on:
21 Feb 2026 08:58 pm
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