बिजनोर

बड़ी खबर: कैराना और नूरपुर से भाजपा ने इनको दिया टिकट

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कैराना और नूरपुर उपुचनाव के लिए प्रत्याशियों का नाम फाइनल, 10 मई को कर सकते हैं नामांकन

2 min read
May 08, 2018

बिजनौर। लंबे इतंजार के बाद आखिरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से कैराना और नूरपुर उपुचनाव के लिए प्रत्याशियों का नाम फाइनल हो गया है। हालांकि, अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन माना जा रहा है कि 10 मई को भाजपा के दोनों प्रत्याशी नामांकन भर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों ही जगहों से भाजपा महिलाओं को टिकट दे सकती है।वहीं, कैराना से रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम हसन और नूरपुर से सपा के उम्मीदवार नईमुल हसन 9 मई को नामांकन कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: यूपीएससी के प्रवेश पत्र ऐसे करें डाउनलोड, इस दिन दो पालियों में होगी परीक्षा

ये भी पढ़ें

मायावती ने कैराना से ही लड़ा था अपना पहला चुनाव, हुआ था कुछ ऐसा कि जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगी

मृगांका और अवनी को दिया गया टिकट

सूत्रों के अनुसार, बाबू हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई कैराना लोकसभा सीट भाजपा की तरफ से उनकी बेटी मृगांका सिंह को टिकट दिया गया है। इसके जरिए भाजपा सहानुभूति लहर को भुनाने की कोशिश में है। इसके साथ ही बिजनौर की नूरपुर विधानसभा सीट से दिवंगत भाजपा विधायक लोकेंद्र सिंह चौहान की पत्नी अवनी सिंह को टिकट दिए जाने की चर्चा है। हालांकि, इसकी अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन बताया जा रहा है कि दोनों ही 10 मई को नामांकन फॉर्म भर सकते हैं। बताया जा रहा है कि नामांकन के दौरान भाजपा के कई मंत्री व पदाधिकारी शामिल रहेंगे।

यह भी पढ़ें: नूरपुर उपचुनाव: भाजपा से दो बार चुनाव हार चुके हैं अखिलेश यादव के यह करीबी, पार्टी में शुरू हुई बगावत

28 मई को है वोटिंग

आपको बता दें कि कैराना लोकसभा सीट सांसद हुकुम सिंह और नूरपुर विधानसभा की सीट विधायक लोकेन्द्र सिंह के निधन से खाली हुई थी। दोनों ही जगह पर 28 मई को मतदान होगा जबकि 31 मई को काउंटिंग होगी।

ये हैं गठबंधन के उम्मीदवार

दोनों ही सीटों पर सपा और रालोद ने गठबंधन कर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। कैराना से जहां रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम हसन मैदान में उतरीे हैं, वहीं नूरपुर से सपा के उम्मीदवार नईमुल हसन मैदान में हैं। बसपा ने इस उपचुनाव से खुद को दूर रखने का ऐलान किया है लेकिन माना जा रहा है कि वह सपा का समर्थन कर सकती है। इतना ही नहीं कांग्रेस के भी गठबंधन प्रत्याशी के समर्थन के चांस ज्यादा हैं, जिसका फैसला एक-दो दिन में हो जाएगा।

यह भी पढ़ें: मायावती ने कैराना से ही लड़ा था अपना पहला चुनाव, हुआ था कुछ ऐसा कि जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगी

भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न

भाजपा गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव के बाद कैराना व नूरपुर को खोने का चांस बिल्कुल भी नहीं ले सकती है। दोनों सीटें अब भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई हैं। इसके लिए भाजपा के लगभग दो दर्जन विधायक दोनों उपचुनाव के लिए लगाए गए हैं, जिनमें से कई मंत्री भी हैं।

ये भी पढ़ें

कैराना उपचुनाव में भाजपा ने इस सांसद को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, खिसक सकता है इस पार्टी का वोट-बैंक
Published on:
08 May 2018 04:20 pm
Also Read
View All