
बिजनौर. जनपद के रायपुर सादात थाना क्षेत्र के टांडा माई दास के रहने वाले मुशर्रफ पिछले 10 वर्षों से दिल्ली की फैक्ट्री में बैग बनाने का काम कर रहे थे। रविवार की सुबह अपनी फैक्ट्री में आग लगने पर मुशर्रफ ने गांव में अपने दोस्त को फोन करके बताया था कि बिल्डिंग में आग लग गई है। उसका बचना मुश्किल है। मुशर्रफ की मौत के बाद गांव में मातम पसर गया है। मृतक अपने पीछे 4 बच्चों और मां को छोड़कर चला गया है। मृतक की मौत के बाद से अब परिवार का खर्च चलाने वाला कोई नहीं है।
मृतक अभी कुछ समय पहले 7 दिन के लिये घर भी आया था। पता चला है कि मृतक के ऊपर 2 लाख से ज्यादा का बिजली का बकाया था। मुशर्रफ की पत्नी इमराना, मां रहमत और 4 बच्चे गांव में रहते हैं, जबकि मुशर्रफ काफी समय से दिल्ली में इस काम को करके अपने बच्चों का और घरवालों का पेट पाल रहा था। अचानक से फैक्ट्री में आग लगने के बाद मुशर्रफ ने गांव के अपने एक दोस्त को फोन करके बताया था कि वह आग में घिर चुका है और उसका बचना मुश्किल है। पता चला है कि मुशर्रफ फोन पर काफी रो रहा था। इस घटना की सूचना पर मुशर्रफ का परिवार दिल्ली पहुंच गया है। उधर मुशर्रफ की मौत के बाद जहां परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इस हादसे के बाद गांव में भी मातम छा गया है।