
BJP MLA fraud letter case : बीजेपी विधायक के फर्जी लेटर पैड से डिप्टी सीएम को भेजी शिकायत, PC- Patrika
बिजनौर : जिले की बढ़ापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कुंवर सुशांत सिंह के नाम और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को शिकायत भेजने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को बदनाम करने और उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई कराने की नीयत से विधायक के नाम का जाली लेटर पैड तैयार कर झूठी शिकायत भेजी गई। मामले का खुलासा होने के बाद विधायक खेमे में हड़कंप मच गया है।
घटना की जानकारी मिलने पर विधायक प्रतिनिधि कर्णवीर सिंह ने अफजलगढ़ कोतवाली में नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
विधायक प्रतिनिधि कर्णवीर सिंह के अनुसार, वह बढ़ापुर विधायक कुंवर सुशांत सिंह के अधिकृत प्रतिनिधि हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि अफजलगढ़ के आदर्श नगर स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक ने उत्तराखंड के ग्राम संन्यासीवाला निवासी एक महिला के साथ मिलकर सुनियोजित षड्यंत्र रचा।
आरोप है कि दोनों ने निजी स्वार्थ और आपसी रंजिश के चलते क्षेत्र में संचालित ‘ए टू जेड अल्ट्रासाउंड एंड डायग्नोस्टिक सेंटर’ को अवैध रूप से सील कराने और उसकी छवि खराब करने के उद्देश्य से विधायक कुंवर सुशांत सिंह के नाम का फर्जी लेटर पैड तैयार किया। इतना ही नहीं, उस पर विधायक के नकली हस्ताक्षर भी बनाए गए और फिर उसी आधार पर उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भेज दी गई।
बताया जा रहा है कि फर्जी शिकायत को वास्तविक मानते हुए संबंधित स्तर पर जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए थे। बाद में जब शिकायत और लेटर पैड की सत्यता पर सवाल उठे तो पूरे मामले की पड़ताल शुरू हुई। जांच के दौरान दस्तावेजों के फर्जी होने की आशंका सामने आने पर मामला विधायक तक पहुंचा।
कर्णवीर सिंह ने अपनी तहरीर में स्पष्ट किया है कि संबंधित लेटर पैड विधायक कार्यालय की ओर से जारी नहीं किया गया था और उस पर मौजूद हस्ताक्षर भी पूरी तरह फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि यह दस्तावेज प्रशासनिक तंत्र को गुमराह करने, निजी लाभ लेने और एक संस्थान को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
उनके अनुसार, जनप्रतिनिधि के नाम और पद का दुरुपयोग कर फर्जी शिकायत भेजना न केवल जनहित के खिलाफ है, बल्कि यह कानून की नजर में गंभीर और दंडनीय अपराध भी है।
अफजलगढ़ कोतवाली पुलिस का कहना है कि विधायक प्रतिनिधि की ओर से शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले में प्रस्तुत किए गए लेटर पैड, हस्ताक्षरों और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
12 Jun 2026, 8:08 PM IST
Published on:
12 Jun 2026, 7:43 PM IST
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