युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पीएम मोदी ने इस महत्वाकांक्षी योजना की बड़े स्तर पर शुरुआत कराई थी।
बिजनौर। जिले में चल रहे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना केंद्र पर रोजगार मेले का आयोजन कर छात्र-छात्राओं को रोज़गार से जोड़ने के लिए अहम टिप्स दिए गए। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद कुंवर भारतेद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस रोजगार मेले में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। सबसे पहले इन सभी प्रतिभागियों की लिखित परीक्षा ली गई, उसके बाद इंटरव्यू। इस कार्यक्रम के आयोजन के दौरान देश भर की बड़ी कंपनियां अल्फा वन टेक्नोक्रेट्स, हीरो मोटो कॉर्प, कविता मोटर्स, सुजुकी मोटर्स, कैलिबर कंसलटेंट, स्मार्ट हंट कंसलटेंट, माइक्रोमैक्स इंडिया, भावना बुटीक, देल्हीवेरी, अमेजन आदि कंपनियों ने छात्र-छात्राओं के इंटरव्यू लिए।
इस मौके पर क्षेत्रीय सांसद कुंवर भारतेद्र सिंह ने कहा कि कौशल विकास योजना प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिसमें बेरोजगारों को प्रशिक्षित कर रोजगार दिलाने में केंद्र सरकार द्वारा लगातार सहायता दी जा रही है। छात्र बैंकों से कर्ज लेकर भी उद्योग लगा सकते हैं।
रोजगार मेले को सफल बनाने में केंद्र प्रबंधक अंकुर चौहान, रमन रस्तोगी, आशु गुप्ता, यश पाराशर, संकल्प भारद्वाज, विभोर भटनागर, प्रशांत, मोहित, देवेश, अवनीश, पूजा, मीनाक्षी, विशाल आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
क्या है प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना केन्द्र सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक बनाकर उन्हें खुद का रोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। यह कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की ओर चलाई जाती है। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद इस मंत्रालय का अलग से गठन किया गया था।
इसमें ट्रेनिंग की फीस सरकार खुद वहन करती है। सरकार इस स्कीम के जरिये कम पढ़े लिखे या 10वीं, 12वीं कक्षा ड्राप आउट (बीच में स्कूल छोड़ने वाले) युवाओं को कौशल प्रशिक्षिण देती है। सरकार ने 2020 तक एक करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है।
योजना से कैसे जुड़ें
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थी को पहले अपना नामांकन कराना जरूरी होता है। इसके लिए http://pmkvyofficial.org पर जाकर अपना नाम, पता और ईमेल आदि जानकारी भरनी होती है। फार्म भरने के बाद आवेदक जिस तकनीकी क्षेत्र में ट्रेनिंग करना चाहता है उसका चुनाव करना होता है।
इनमें कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, फूड प्रोसेसिंग फर्नीचर और फिटिंग, हैंडीक्रॉफ्ट, जेम्स एवं ज्वैलरी और लेदर टेक्नोलॉजी जैसे करीब 40 तकनीकी क्षेत्र दिये गए हैं। अपने पसंदीदा तकनीकी क्षेत्र के अलावा एक और तकनीकी क्षेत्र का भी चयन करना होगा। ये जानकारियां भरने के बाद अभ्यर्थी को अपने ट्रेनिंग सेंटर का चयन करना होगा।