- पुलवामा हमले को लेकर आजम खान ने मोदी सरकार के खिलाफ दिया बड़ा बयान - सपा नेता आजम खान ने कहा- सीआरपीएफ जवानों को एयरलिफ्ट किया जाता तो बचार्इ जा सकती थी जान
बिजनौर. किरतपुर में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि पुलवामा में जो 40 जवान शहीद हुए हैं, लेकिन इनको शहीद नहीं कहा जा सकता। क्योंकि इनको शहीदों का कोई दर्जा नहीं दिया जाता है। न ही वे सहूलियतें मिलती हैं, जो कि शहीद जवानों को मिलनी चाहिएं। यह दर्जा सिर्फ भारतीय सेना को ही प्राप्त है। जबकि पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की जिंदगी हर वक्त मौत के बीच रहती है। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर सीआरपीएफ के जवानों को एयरलिफ्ट किया जाता तो इतने जवानों की जान नहीं जाती।
बता दें कि सपा नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां मशावरती काउंसिल की मीटिंग में शामिल होने किरतपुर मे आये थे। आजम खां ने पुलवामा में हुए शहीदों को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि इन सीआरपीएफ जवानों को इस आतंकी घटना से पहले भी एयरलिफ्ट कराया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस घटना के बाद सीआरपीएफ जवानों को एयरलिफ्ट कराया गया, इसका क्या मतलब है। उन्होंने यह भी कहा की पैरामिलिट्री फोर्स को शहीद कहना गलत है। शहीदों की कोई भी सहूलियत सेना के अलावा किसी और सेना को नहीं दी जाती है। आजम खान ने कहा कि अर्द्धसैनिक बलों को शहीद तो कहते हैं, लेकिन शहीद का दर्जा तो सिर्फ सेना को ही दिया जाता है।
बता दें कि मशावरती काउंसिल की बैठक में सपा नेता आजम खान ने करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में मैराथन वार्ता की। इस बैठक में केवल बोर्ड पदाधिकारी व सदस्य ही शामिल हुए। हालांकि बैठक से पहले सभी सदस्यों के मोबाइल बंद करवाकर अलग रखवा दिए गए थे। इस दौरान क्या निर्णय लिए गए इस पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। वहीं नगीना के पूर्व चेयरमैन व सपा नेता खलीलुर्रहमान ने बैठक में शामिल होने के लिए आजम खान से इजाजत मांगी थी, लेकिन आजम खाने ने उन्हें मना कर दिया।