बिजनोर

एक तरफ नूरपुर में सपा ने दर्ज की जीत, दूसरी ओर बिजनौर में चेयरमैन पति ने लगा दिया बड़ा आरोप

हंगामे के बाद एसपी ने दिया यह आश्वासन।
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Updated: 10 Jun 2018, 2:49 PM IST
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बिजनौर। थाना कोतवाली शहर क्षेत्र की आबकारी चौकी पर पीड़ित पक्ष से इंस्पेक्टर द्वारा रुपये लेकर काम न करने पर पहले चौकी पर हंगामा हो गया। बाद में इस मामले को लेकर थाना कोतवाली शहर में गए चेयरमैन पति के पत्रकार भाई इमरान के वीडियो बनाने पर इंस्पेक्टर ने मोबाइल पर हाथ मार दिया। मोबाइल में हाथ मारने पर चेयरमैन पति के साथ गए लोग और पुलिस कर्मियों में कहासुनी हो गई। कहासुनी और हंगामे की सूचना पर एसपी सिटी ने पहुंचकर मामले को शांत कराया और आबकारी चौकी इंस्पेक्टर को चौकी से हटाते हुए एसपी उमेश कुमार सिंह ने अग्रिम कार्रवाई की बात कही।

दरअसल बिजनौर नगर पालिका के चेयरमैन पति शमसाद ने आबकारी चौकी के इंस्पेक्टर पर पीड़ित से 10 हज़ार रुपये लेकर युवक को न छोड़ने का आरोप इंस्पेक्टर विजय सिंह पर लगाया है। शमसाद का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने पीड़ित पक्ष के हाशिम को छोड़ने के लिये उनके सामने 10 हज़ार रुपये दिये थे। लेकिन जब पुलिस जीडी में हाशिम का नाम लिखकर उसे जेल भेजने लगी तो इंस्पेक्टर से रुपये वापस मांगे तो इंस्पेक्टर ने थाने में सभी पुलिस कर्मियों के सामने मेरे साथ बदतमीजी और मारपीट की।

पीड़ित हाशिम के भाई हामिद ने बताया कि वो मिरदगा मोहल्ले के रहने वाले हैं। उनके भाई की लड़ाई 2 साल पहले नुमाइश ग्राउंड के रहने वाले विनोद नाम के युवक से हुई थी। जिसमें उसके भाई के वारंट के आधार पर आबकारी चौकी इंस्पेक्टर उनके भाई को पकड़कर चौकी ले आया और उसे छोड़ने के नाम पर 10 हज़ार रुपये ले लिए। लेकिन जब पुलिस उनके भाई को जेल भेजने लगी तो चेयरमैन पति ने इंस्पेक्टर से दिए हुए रुपयों की मांग कर दी। जिसके बाद गुस्से में उतारू दरोगा ने उनके साथ बदतमीजी और मारपीट कर दी।

इस प्रकरण को लेकर बरहाल बिजनौर एसपी सिटी ने शिकायत के आधार पर इंस्पेक्टर विजय सिंह को चौकी से हटाकर एसपी उमेश कुमार द्वारा अग्रिम कार्रवाई करने की बात फोन पर बताई है। इस प्रकरण को लेकर जिले के आला अधिकारी अभी मीडिया के सामने आने से बच रहे हैं।

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