
MP Chandra Shekhar Aazad (फोटो सोर्स : @BhimArmyChief)
Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की कार्यशैली और सरकार पर जोरदार हमला बोला है। देश में छात्रों और युवाओं पर हो रही पुलिसिया कार्रवाई को लेकर चंद्रशेखर आजाद बहुत आक्रोशित नजर आए। उन्होंने पुलिस लाठीचार्ज की तुलना सीधे तौर पर जलियांवाला बाग हत्याकांड से कर दी और सरकार की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जिस तरह से निर्दोष बच्चों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गई हैं वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने तल्ख लहजे में पूछा कि इस घटना के बाद जलियांवाला बाग होने में आखिर क्या ही कसर बची थी? इसका जवाब कौन देगा? आजाद ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि आज एक और नया केस सामने आया है जिसमें चौथे बच्चे को भी पैलेट गन के छर्रे लगे हैं। अपने ही देश के बच्चों के साथ ऐसा हिंसक बर्ताव और उस पर सरकार की खामोशी इस देश को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पुलिस इस तरह की हिंसा कर रही है लेकिन इसका जिम्मेदार कौन है? उन्होंने पूछा कि, इस तरह की ज्यादती करने वाले कितने लोगों को अब तक जेल भेजा गया है। बिहार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर पुलिस वहां कोई कार्रवाई नहीं कर रही है तो फिर बिहार में कितने लोग जेल गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार में तो आप छात्रों पर AK-47 चला रहे हैं।
संसद की कार्यवाही को लेकर आजाद समाज पार्टी के प्रमुख ने स्पष्ट किया कि विपक्ष भी चाहता है कि सदन सुचारू रूप से चले लेकिन इसके साथ ही सरकार को अपनी जिम्मेदारियां भी उठानी पड़ेंगी। उन्होंने साफ कहा कि देश में जो भी घटनाएं हो रही हैं उनके लिए किसी न किसी की जवाबदेही तो तय करनी ही पड़ेगी। छात्रों पर हुए अत्याचार को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने साफ शब्दों में कहा है कि वह इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे।
आपको बता दें कि लोकसभा में में विपक्ष के द्वारा NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर भारी नारेबाजी के चलते लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर आगे की चर्चा और विधायी कार्यों को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा सदन चलने दीजिए। चर्चा और संवाद होने दीजिए तथा सभी को अपने विचार रखने का अवसर मिलना चाहिए। पूरे देश में यह सकारात्मक संदेश जाना चाहिए कि संसद में चर्चा और बातचीत होती है।
Updated on:
28 Jul 2026 02:35 pm
Published on:
28 Jul 2026 02:35 pm
