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‘देश के युवाओं की ऐतिहासिक जीत’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर आया अखिलेश यादव का पहला बयान

Akhilesh Yadav On Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। जानिए उन्होंने इस पूरे मामले पर क्या कुछ कहा...
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लखनऊ

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Mohsina Bano

•

Updated: 25 Jul 2026, 4:56 PM IST

op rajbhar attack on akhilesh yadav pda politics up 2027

सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फोटो- पत्रिका)

Dharmendra Pradhan Resigns: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के पद छोड़ने को सीधे तौर पर देश के युवाओं की एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक जीत करार दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को अब यह अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि उसे शिक्षा और परीक्षाओं के अहम मुद्दे पर बहुत ही गंभीरता के साथ विचार करने की सख्त जरूरत है।

युवाओं के आंदोलन ने भाजपा को झुकाया

सपा प्रमुख ने जंतर-मंतर और देश-भर में चले युवाओं के आंदोलन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम और आंदोलन से सबसे बड़ा सबक यह मिलता है कि भविष्य में किसी भी परीक्षा का कोई पेपर कभी लीक नहीं होना चाहिए। आज की युवा पीढ़ी ने बिना किसी राजनीतिक दल के सीधे समर्थन के अपने दम पर ऐसे नारे और पोस्टर तैयार किए जिनसे देश का हर एक नौजवान खुद-ब-खुद जुड़ता चला गया। खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहने वाली भाजपा को आखिरकार झुकना पड़ा। यह देश के युवाओं की बड़ी जीत है।"

रोजगार और नौकरी के लिए खोलने होंगे रास्ते

अखिलेश यादव ने देश की मौजूदा परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था को इतना अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लग सके। इसके साथ ही उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि युवाओं के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें रोजगार और नौकरियां उपलब्ध कराने की दिशा में भी बिल्कुल साफ और स्पष्ट रास्ते खोले जाने चाहिए ताकि देश का युवा बिना किसी डर और हताशा के अपने जीवन में आगे बढ़ सके।

धर्मेंद्र प्रधान ने जारी किया लेटर


इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने एक लेटर जारी किया है। जिसमें कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं उनका आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने आगे जोड़ा कि किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पीड़ादायी थी। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले साल से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-Based-Test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।

अपने लेटर में शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए Whole of Government Approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई। पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।