
बसपा प्रमुख मायावती (फोटो: पत्रिका)
Mayawati Student Protest: देश में नीट-यूजी समेत विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक सियासत तेज हो गई है और सरकार तथा विपक्ष के बीच बढ़ता तनाव कई राज्यों तक असर डाल सकता है। मायावती ने चिंता जताई कि राजनीतिक खींचतान के कारण शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे कहीं पीछे न छूट जाएं।
मायावती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पेपर लीक और इसके बाद कुछ छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं के विरोध में कांग्रेस जनता पार्टी का नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना जारी है। इस आंदोलन को लोगों का काफी समर्थन मिल रहा है। लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तेज राजनीति हो रही है। ऐसे में चिंता यह है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार का असली मुद्दा कहीं राजनीतिक बहस में दबकर न रह जाए।
मायावती ने कहा कि सरकार व विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति के कारण वर्तमान संसद सत्र सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही रुकी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष व सरकार के बीच राजनीति का बाजार भले ही गर्म हैं, लेकिन इससे शिक्षा व्यवस्था सुधार का असली मुद्दा लुप्त ना हो जाये। विरोधी पार्टियों में मुद्दे को भुनाने की होड़ लगी है।
मायावती ने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने मामले को और ज्यादा गर्म कर दिया है। सरकार सिर्फ पेपर लीक होने के बाद की कार्रवाई पर जोर दे रही है, लेकिन लीक को जड़ से रोकने का कोई पक्का इंतजाम नहीं कर रही है। इसी नाकामी के चलते लोगों का गुस्सा और भड़क रहा है और यह तनाव अब अलग-अलग राज्यों तक फैल रहा है। इस माहौल को देखते हुए मायावती ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को इस राजनीतिक टकराव से दूर रहने और शांति बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है।
Updated on:
25 Jul 2026 03:33 pm
Published on:
25 Jul 2026 03:33 pm
