
अखिलेश यादव (फाइल फोटो- पत्रिकाि)
Akhilesh Yadav: जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच सरकार ने आंदोलन स्थल और उसके आसपास फूड डिलीवरी कंपनियों की एंट्री पर बैन लगा दिया है। इस पाबंदी के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर आरोप बड़ा लगाया है। अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सरकार लोगों की रोटी छीनने पर उतर आई है।
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'रोटी मत छीनो, पहले नोटबंदी के बाद फूड बंदी।' उन्होंने दावा किया कि सरकार ने फूड डिलीवरी पर इसलिए बैन लगाया है क्योंकि फूड डिलीवरी करने वाले वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों तक खाना पहुंचाते हैं और भूखे लोगों का पेट भरते हैं। उनके मुताबिक, सरकार नहीं चाहती कि प्रदर्शनकारियों तक खाना पहुंचे, इसलिए जंतर-मंतर के आसपास के इलाके में फूड डिलीवरी पर पाबंदी लगा दी गई है।
देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए एक अलग सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे दें। और अगर उनकी सरकार में इतनी ही इच्छा या मजबूरी है, तो 15 दिन या कुछ समय बाद उन्हें किसी दूसरे विभाग का मंत्री बनाकर फिर से शपथ दिला दे। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को कम से कम नैतिकता के आधार पर अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार विद्यार्थियों के हित में काम करना चाहती है, तो उसे NTA को हटा देना चाहिए क्योंकि इसे लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। डिंपल यादव ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिकता के आधार पर खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई शहरों में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। । वहीं, सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि पहले छात्रों की मांगें पूरी की जाएं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर पार्टी कायम है।
Updated on:
24 Jul 2026 07:27 pm
Published on:
24 Jul 2026 07:27 pm
