
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ
UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गर्मी अब और बढ़ने वाली है। विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू हो रहा है। प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा और यह चार दिन तक चलेगा। पहले दिन आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से पांच बार विधायक रहे आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पास किया जाएगा। इस सत्र के काफी हंगामेदार होने की संभावना है।
यह सत्र छोटा हो सकता है, लेकिन बहस काफी तीखी होने वाली है। विपक्ष ने पहले से ही तैयारी कर ली है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दल पेपर लीक, दिल्ली में छात्र आंदोलन पर लाठीचार्ज, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने वाले हैं। कानून व्यवस्था और आम जनता की समस्याओं को भी सदन में उठाया जाएगा।
सरकार की तरफ से अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में लाए जाएंगे। संभल मामले की न्यायिक जांच रिपोर्ट भी सदन में रखी जा सकती है। साल 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह बजट खास माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने सत्र बुलाने का फैसला पहले ही कर लिया था। संविधान के नियम के मुताबिक दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतर नहीं हो सकता, इसलिए यह सत्र जरूरी था।
विपक्षी पार्टियां मान रही हैं कि इस मौके पर वे सरकार की कई कमजोरियों को उजागर कर सकती हैं। खासकर युवाओं को परेशान करने वाले पेपर लीक के मुद्दे पर वे जमकर हमला बोलने वाले हैं। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चोरी के आरोप भी विपक्ष के हथियार बन सकते हैं।
दूसरी तरफ सरकार अपने कामों को सदन के सामने रखने की तैयारी में है। विकास कार्यों, योजनाओं और कानून व्यवस्था पर बेहतर प्रदर्शन का दावा किया जाएगा। हालांकि सत्र छोटा है, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की वजह से यह काफी सुर्खियों में रहेगा। यूपी की सियासत में मानसून सत्र हमेशा से दिलचस्प रहा है और इस बार भी उम्मीद है कि सदन में जोरदार बहस देखने को मिलेगी।
Updated on:
24 Jul 2026 09:54 pm
Published on:
24 Jul 2026 09:54 pm
