1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर पर गरमाई सियासत, अजय राय ने बताया कांग्रेस की बड़ी जीत

Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है। यूपी कांग्रेस के प्रदेश अजय राय ने कहा कि इस्तीफा बहुत पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। अब बहुत देर हो चुकी है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Shaitan Prajapat

•

Updated: 25 Jul 2026, 4:23 PM IST

Dharmendra Pradhan

धर्मेंद्र प्रधान

Ajay Rai On Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने के बाद देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे छात्रों के आंदोलन की जीत बताते हुए मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को यह कदम बहुत पहले ही उठाना चाहिए था।

अजय राय ने कहा- यह कांग्रेस और छात्रों के संघर्ष की जीत

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह इस्तीफा बहुत पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। प्रधानमंत्री मोदी को यह निर्णय पहले ही करना चाहिए था, हालांकि अब बहुत देर हो चुकी है। फिर भी देर से ही सही, कार्रवाई जरूर हुई है। यह हम सभी की जीत है और विशेष रूप से राहुल गांधी की जीत है। राहुल गांधी जिस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे, आज उस पर मुहर लगी है। यह देश के बच्चों, युवाओं और आवाज़ उठाने वाले छात्रों की जीत है।

आंदोलनकारी बोले- झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत करते हुए प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे, जब तक कि उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। छात्र नेता अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अक्सर कहा जाता था कि इस सरकार में मंत्री इस्तीफा नहीं देते, लेकिन कहावत है- झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। हमने यह करके दिखा दिया। उन्होंने दावा किया कि यह मोदी सरकार का पहला ऐसा इस्तीफा है जो जनांदोलन के दबाव में आया है।

अभिजीत ने आगे कहा कि उनकी दो मुख्य मांगें अभी भी बाकी हैं- पहली, पेपर लीक और धांधली के तनाव में आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिले। दूसरी, प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले दिल्ली पुलिस के कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और किसी भी छात्र पर दर्ज केस वापस लिए जाएं।

इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स (X) पर क्या लिखा?

पद छोड़ने के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, 'मेरे युवा साथियों, मैं पिछले चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहा हूँ। मेरा हमेशा से यह अटूट विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का दिल से सम्मान करता हूँ।'

उन्होंने आगे लिखा, 'भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हमारे राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र सेवा का जो अवसर मुझे मिला, उसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूँ।'

नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 3 मई को हुई परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया, मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी और परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा की तिथियां घोषित की थीं। साथ ही, अगले सत्र से इस परीक्षा को सीबीटी (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुचारू रूप से परीक्षा संपन्न कराना रही, जो राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों के सहयोग से 21 जून को पूरी की गई।