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बीकानेर. शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को सितम्बर माह का वेतन नहीं मिला। ऐसे में शिक्षकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। जबकि अक्टूबर भी समाप्त होने के करीब है। दूसरी ओर विभागीय अधिकािरयों ने इसका कारण कार्यालय का नाम व पद परिवर्तन अपडेट नहीं होना बताया है। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेशभर में सरकार ने जिले के शिक्षा विभाग के ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन किया है। इसके तहत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को शिक्षा संकुल का रूप देकर उपनिदेशक के नाम से मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी का पर सृजित किया है।
इसके साथ ही जिले के सभी ब्लॉक स्तर पर में भी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकािरयों सीबीईओ लगाए हैं। जबकि पूर्व में ब्लॉक स्तर पर बीईईओ का पद सृजित था। ऐसे में ब्लॉक में आहरण अधिकारी के रूप में बीईईओ से सीबीईओ अपडेट नहीं होने से वेतन बिलों आदि पर कार्यालय का नाम पूर्ववत आ रहा है। इससे ट्रेजरी में बिल पारित नहीं हो पा रहे। इसका खामियाजा शिक्षकों का उठाना पड़ रहा है। नाम व पद परिवर्तन अपडेट नहीं होने से शिक्षकों व कार्यालय के कार्मिकों का मासिक वेतन व एरियर आदि बकाया चल रहे है। विभाग के मुताबिक ऐसे तीन सौ से अधिक शिक्षक व कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों को भी सितम्बर माह के वेतन का इंतजार है। शिक्षकों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से विभिन्न बैंकों की ओर से की जाने वाली एलआइसीए होम लोन व अन्य कटौतियां समय पर नहीं हो पा रही। इससे उन्हें पैनल्टी जमा करानी पड़ेगी।