बीकानेर

Rajasthan Govt School: राजस्थान के 10 हजार सरकारी स्कूलों पर गिर सकती है गाज, जानें वजह

Rajasthan Education Department: राजस्थान में करीब 10 हजार सरकारी स्कूलें बंद हो सकती है। कम नामांकन के आधार पर इन्हें नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जा सकता है।
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Mar 20, 2026
Rajasthan Govt School
Photo: AI-generated

बीकानेर। राजस्थान में करीब 10 हजार सरकारी स्कूलें बंद हो सकती है। कम नामांकन के आधार पर इन्हें नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जा सकता है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा कार्यालयों को प्रारूप जारी कर सूचनाएं मांगी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी प्रारूप में 15 से कम नामांकन की प्राथमिक व 25 से कम नामांकन वाली उच्च प्राथमिक स्कूलों की सूची मांगी गई है।

39 से ज्यादा नामांकन वाली उनकी नजदीकी स्कूलों का नाम भी मांगा है। माध्यमिक शिक्षा में भी 30 से कम नामांकन वाली महात्मा गांधी व अंग्रेजी स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है। प्रारूप के अनुसार एकीकरण हुआ तो कम नामांकन वाली राजस्थान की करीब 10 हजार स्कूलें बंद हो जाएगी। इस पर 23 मार्च को जयपुर के डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा संकुल में विश्लेषण कर स्कूलों का भविष्य तय किया जाएगा।

ये जारी किए आदेशः शिक्षा विभाग

के संयुक्त सचिव ने 17 मार्च को 0 से 14 नामांकन वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय और 0 से 24 नामांकन वाले राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की सूचना मांगी थी। शाला दर्पण पोर्टल पर इसके प्रत्युत्तर में प्राप्त स्कूलों की सूची फीड की गई है। अब 23 मार्च तक प्रारूप में ऐसे स्कूलों के नजदीकी सरकारी स्कूल सहित कई तरह की सूचना भरनी है। जिस पर जयपुर में कार्यशाला में विचार किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को जयपुर शिक्षा संकुल में तय प्रारूप भरकर लाने को कहा गया है। स्कूलों के एकीकरण को लेकर आगे की दिशा भी इस दिन तय हो सकती है।

यूं होगी 10 हजार स्कूलें बंद

प्रदेश में 15 से कम नामांकन की प्राथमिक व 30 से कम नामांकन की उच्च प्राथमिक स्कूलों की संख्या करीब 7300 है। इनमें 30 से कम नामांकन वाली महात्मा गांधी और अंग्रेजी माध्यम स्कूलें और 40 से कम नामांकन वाली माध्यमिक स्कूलें और जोड़ें तो ये आंकड़ा करीब 10 हजार माना जा रहा है। समायोजित होने पर ये सभी बंद हो जाएगी।

40 से कम नामांकन पर भी चर्चा

प्रारंभिक शिक्षा के प्रारूप में कम नामांकन वाली प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के साथ उनके नजदीकी भवनों वाली स्कूलों की जानकारी भी मांगी गई है। इसमें भी 39 से ज्यादा नामांकन व सुरक्षित भवनों वाले माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों की प्रविष्टि ही मांगी गई है। ऐसे में अगले चरण में 40 से कम नामांकन वाली माध्यमिक शिक्षा की स्कूलों के एकीकरण की चर्चाएं भी शिक्षा जगत में शुरू हो गई है।

23 मार्च को पता चलेगा

15 से कम नामांकन प्राथमिक और 25 से कम नामांकन वाली उच्च प्राथमिक स्कूलों व उनकी उनकी नजदीकी स्कूलों की सूचना मांगी है। आगे क्या होगा इस संबंध में 23 मार्च को ही पता चलेगा।
-सज्जन सिंह, एडीईओ (प्रा.शि), सीकर

विरोध करेंगे

संसाधनों की कमी और मॉनिटरिंग का अभाव नामांकन गिरने का मुख्य कारण है। स्कूल मर्ज के आदेश से आरटीई का उलंघन होगा। संगठन एकीकरण का पुरजोर विरोध करेगा।
-उपेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ (शे)

Updated on:
20 Mar 2026 02:39 pm
Published on:
20 Mar 2026 02:39 pm