रअसल, जिले में मूंगफली खरीद के 24 केन्द्र स्वीकृत हैं। इनमें से कई सेंटरों पर अभी तक खरीद शुरू नहीं की गई है। साथ ही पहले महज पांच-पांच किसानों से मूंगफली की खरीद कर खानापूर्ति कर रहे थे। राजस्थान पत्रिका में यह मामला उठाने पर कुछ सेंटरों पर 20 और कुछ पर 50 टोकन जारी किए गए।
प्रदेश के सबसे बड़े मूंगफली उत्पादक बीकानेर जिले में मूंगफली की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं करने की शिकायतों के बाद केन्द्र और राज्य सरकार ने सीआईडी के माध्यम से वास्तविक िस्थति की रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद सीआईडी के अधिकारी खरीद केन्द्रों पर पहुंचे और वास्तविकता की पड़ताल की। दरअसल, जिले में मूंगफली खरीद के 24 केन्द्र स्वीकृत हैं। इनमें से कई सेंटरों पर अभी तक खरीद शुरू नहीं की गई है। साथ ही पहले महज पांच-पांच किसानों से मूंगफली की खरीद कर खानापूर्ति कर रहे थे। राजस्थान पत्रिका में यह मामला उठाने पर कुछ सेंटरों पर 20 और कुछ पर 50 टोकन जारी किए गए। परन्तु किसानों का आरोप है कि यह टोकन ऐसे लोगों को जारी किए जा रहे हैं, जो किसान की आड़ लेकर व्यापारी की खरीद की मूंगफली को तुलवा रहे हैं।
इसलिए आई यह नौबत
गौरतलब है कि सरकारी समर्थन मूल्य 6 हजार 783 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया हुआ है। जबकि बाजार में व्यापारी किसानों से करीब दो हजार रुपए प्रति क्विंटल कम दाम पर खरीद कर रहे हैं। खरीद केन्द्रों पर मूंगफली खरीद नहीं करने से किसान व्यापारी को माल बेचने पर मजबूर हो रहे हैं। राजस्थान पत्रिका ने रविवार और सोमवार के अंक में मूंगफली खरीद का मामला प्रमुखता से उठाया। इस पर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के स्तर पर संज्ञान लिया गया है। केन्द्र सरकार को रिपोर्ट करने वाली सेंट्रल सीआईडी और स्टेट सीआईडी के अधिकारियों ने बुधवार को इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के बाद खरीद व्यवस्था से जुड़े कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।