झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद जनप्रतिनिधि और अधिकारी एक्टिव नजर आ रहे हैं। नेता जहां स्कूलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को फटकार लगा रहे हैं। वहीं अधिकारी भी रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं।
बीकानेर। झालावाड़ स्कूल हादसे ने सरकारी तंत्र को झकझोर के रख दिया है। नतीजा यह है कि विभाग और जनप्रतिनिधि ताबड़तोड़ जर्जर हाल स्कूलों का दौरा कर रहे हैं और हालात को खुद जांच रहे हैं। पूरे प्रदेश से इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं। बीकानेर जिले में भी सोमवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के कालू बास में स्थित राजकीय माहेश्वरी बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन हादसे को न्यौता दे रहा है। विद्यालय की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। कमरों की छत में सीलन और पट्टियां क्षतिग्रस्त हैं।
बरसात के दौरान कक्षा कक्ष पानी से भर जाते हैं। कमरों का फर्श भी धंसने लगा है। विद्यालय में 47 छात्र-छात्राओं का नामांकन हैं। अभिभावक हादसे की आशंका से भयभीत अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। इस स्कूल भवन को 4 मार्च 2025 को खतरनाक घोषित कर तोड़ने के आदेश दिया जा चुका है।
विधायक ताराचंद सारस्वत सोमवार को इस स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने हालात देखकर नाराजगी व्यक्त की। मौके से ही शिक्षा विभाग के डीईओ व सीबीईओ को फोन कर तत्काल एक प्रतिनिधि स्कूल भेजने के लिए कहा।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर स्कूल भवन को गिराने की तुरंत कार्रवाई की जाए। नए भवन का निर्माण होने तक विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित स्थान पर शिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। प्रधानाध्यापिका दीपा शर्मा ने बताया कि कई बार जर्जर भवन की शिकायत विभाग को दी जा चुकी है।
सोमवार को सूंई व बखूसर ग्राम पंचायत क्षेत्र में सरकारी भवनों, स्कूल आदि का भौतिक निरीक्षण नायब तहसीलदार सुन्दरपाल गोदारा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सहीराम, जेईन मोतीराम, गिरदावर जगदीश प्रसाद धत्तरवाल, पटवारी इमींचद कूकणा, ग्राम विकास अधिकारी हिना शेख, सरपंच प्रमोद सिंह, भंवर लाल हिंगडा आदि ने किया। इस दौरान जर्जर व क्षतिग्रस्त भवनों की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई।
राजस्थान पत्रिका में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के जर्जर भवन और गिरने की कगार पर पहुंच चुके कमरों की रिपोर्ट प्रकाशित की गई। इसके बाद शिक्षा विभाग चेता और आज हेमेरां में सर्व शिक्षा अभियान के कनिष्ठ अभियंता ने विद्यालय का सर्वे किया। इसमें जर्जर कमरों को नकारा घोषित करने के प्रस्ताव की रिपोर्ट बनाकर शिक्षा विभाग को भेजी। वहीं अभिभावकों ने विद्यालय भवन को नकारा घोषित कर जल्द नया भवन बनवाने की मांग रखी।
नोखा विधायक सुशीला डूडी और जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल ने सोमवार को मेघवालों की ढाणी, दुर्गापुरा में जर्जर स्कूल भवन का अवलोकन किया। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के समय स्कूल भवन की छत टपकती है, इसके गिरने से कभी भी हादसा हो सकता है। पानी के जलहौद की छत्त अंदर गिरी है, आसपास की ढाणियों के लोग इस जलहौद से पीने का पानी भी लेते हैं। विधायक डूडी ने जर्जर स्कूल भवन का नवनिर्माण कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से बात की।