
मूंधड़ा मेमोरियल हॉस्पिटल (फोटो-पत्रिका)
बीकानेर। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में जितना योगदान बीकानेर के भामाशाहों ने दिया है, वैसा उदाहरण अन्यत्र दुर्लभ है। देश-विदेश में रहने वाले बीकानेर मूल के सेवाभावी लोग अपनी जन्मभूमि के प्रति विशेष लगाव रखते हैं और यहां कुछ स्थायी व यादगार करने का जज्बा रखते हैं। इसी भावना का सशक्त उदाहरण है सी. एम. मूंधड़ा मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट, जिसने मरीजों की सेवा के लिए करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक मूंधड़ा अस्पताल तैयार करवाई है।
मूंधड़ा मेमोरियल अस्पताल अब पूरी तरह बनकर तैयार है और इसे इसी माह शुरू करने की संभावना है। माना जा रहा है कि राजस्थान में यह अपनी तरह की अद्वितीय मेडिसिन विंग है, जिसे किसी एक भामाशाह ट्रस्ट ने अपने संसाधनों से निर्मित कराया है।
सरकार और मूंधड़ा ट्रस्ट के बीच इस मेडिसिन विंग को लेकर एमओयू पहले ही हो चुका है। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं तो मलमास के बाद किसी भी समय इसका शुभारंभ किया जा सकता है। इसके शुरू होते ही पीबीएम अस्पताल के करीब नौ वार्ड और दो आईसीयू पर मरीजों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। ट्रस्ट प्रतिनिधि द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि विंग को शीघ्र ही सरकार को सुपुर्द किया जाएगा। इसके संचालन व रखरखाव के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित होगी, जिसमें पांच सदस्य सरकार और पांच ट्रस्ट की ओर से होंगे।
मूंधड़ा मेमोरियल अस्पताल में मरीजों के लिए लगभग सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। मेडिसिन विंग के शुरू होने से विशेषकर मौसमी बीमारियों के दौरान बेड की कमी की समस्या से राहत मिलेगी। मरीजों को भर्ती होने के बाद जांच के लिए अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा। कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
Published on:
01 Jan 2026 05:04 pm
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