अमित शाह ने बीकानेर की ऐतिहासिक सांचू पोस्ट से भरी हुंकार। लॉन्च किया 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2'। 184 सरहदी गांवों की बदलेगी सूरत। 14 महिला बैरकों का उद्घाटन और जवानों संग जलपान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को बीकानेर की उस ऐतिहासिक मिट्टी पर पहुंचे, जिसने 1965 और 1971 के युद्धों में पाकिस्तानी सेना को धूल चटा दी थी। सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर बने वॉच टावर पर चढ़कर गृह मंत्री ने दूरबीन की मदद से सीमा पार के सुरक्षा हालातों का खुद जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बीकानेर के सांसद व केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी मौजूद रहे। अमित शाह का यह दौरा न केवल रणनीतिक रूप से बल्कि सामाजिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इस बार गृह मंत्री के काफिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सादगी और न्यूनतम प्रोटोकॉल के संदेश की साफ झलक देखने को मिली। नाल एयरफोर्स स्टेशन से लेकर बीएसएफ मुख्यालय तक कोई बड़ा वीवीआईपी तामझाम नजर नहीं आया। सांचू पोस्ट पर पहुंचे गृह मंत्री ने देश की रक्षा में दिन-रात मुस्तैद जवानों का हाथ मिलाकर और उनके कंधे थपथपाकर हौसला बढ़ाया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सांचू पोस्ट पर बीएसएफ (BSF) मुख्यालय में अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए देश की सुरक्षा को लेकर एक नया और आधुनिक सुरक्षा मॉडल दुनिया के सामने रखा। शाह ने देश की सीमाओं को 'स्मार्ट बॉर्डर' में तब्दील करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक मजबूत चतुष्कोणीय ग्रिड (Four-Dimensional Grid) बनाने का आह्वान किया।
गृह मंत्री द्वारा समझाए गए इस चतुष्कोणीय ग्रिड के 4 मुख्य स्तंभ इस प्रकार हैं:
सीमा सुरक्षा बल : सरहद की पहली रक्षा पंक्ति जो आधुनिक ड्रोन और राडार तकनीक से लैस होगी।
भारतीय सेना : किसी भी आपातकालीन युद्ध जैसी स्थिति में तुरंत मोर्चा संभालने वाली बैकअप शक्ति।
जागरूक नागरिक : सीमावर्ती गांवों में रहने वाले देशप्रेमी लोग, जो संदिग्ध गतिविधियों की पहली सूचना देंगे।
स्थानीय प्रशासन : जिला कलेक्टर और साइबर विंग जो घुसपैठ और तस्करी के नेटवर्क को जमीनी स्तर पर ध्वस्त करेंगे।
अमित शाह ने बेहद कड़े शब्दों में कहा, "जब यह चारों स्तंभ मिलकर एक चक्रव्यूह की तरह काम करेंगे, तो सीमा पार से आने वाले किसी भी खतरे, हथियारों की तस्करी या जासूसी ड्रोन को तुरंत हवा में ही मार गिराया जाएगा। हमें सीमा पार के खतरों पर न केवल पैनी नजर रखनी है, बल्कि देश की संप्रभुता को चुनौती देने वालों को पूरी निर्दयता के साथ मुंहतोड़ जवाब देना है।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "जब से BSF की स्थापना हुई तब से इन सीमा प्रहरियों ने ना धूप देखी ना ठंड देखी, बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर, 45 डिग्री सेल्सियस तापमान से लेकर -45 डिग्री सेल्सियस तापमान तक हमारे सीमा प्रहरियों ने भारत की सीमाओं की सुरक्षा का जो उनको दायित्व सौंपा गया है, उसको बहुत अच्छे तरीके से वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ निभाया है।
भाषण के दौरान गृह मंत्री अमित शाह भावुक भी हुए और उन्होंने सांचू पोस्ट के उस गौरवशाली इतिहास को याद किया, जिसने भारतीय सेना के अदम्य साहस की गाथा लिखी है। सांचू बॉर्डर का इतिहास 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों का मूक गवाह रहा है। 1965 की जंग के दौरान जब पाकिस्तानी सेना ने धोखे से इस पोस्ट पर कब्जे का प्रयास किया था, तब भारतीय जांबाजों ने अपनी जान की बाजी लगाकर दुश्मनों को खदेड़ा था।
अमित शाह ने 'ऑपरेशन सिन्दूर' के दौरान बीएसएफ के वीर प्रहरियों द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज सांचू पोस्ट पर बना मिलिट्री म्यूजियम हमारी आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। शाह ने बेहद भावुक मन से कहा, "देश की सरहदों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले 200 शहीद सीमा प्रहरियों का सर्वोच्च बलिदान आज 140 करोड़ भारतीयों पर एक ऐसा ऋण है, जिसे हम कभी नहीं चुका सकते। उनकी शहादत की बदौलत ही आज पूरा देश चैन की नींद सोता है।"
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले सालों में देश की सुरक्षा नीतियों में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है और अब सेना व बीएसएफ का पूरी तरह आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
बीकानेर के इस सीमांत दौरे से अमित शाह ने राजस्थान की जनता और सरहदी इलाकों के विकास के लिए केंद्र सरकार का सबसे बड़ा पिटारा खोला है। गृह मंत्री ने सांचू पोस्ट की पावन धरती से 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2' को देश के सीमावर्ती क्षेत्रों को समर्पित किया। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य देश के आखिरी गांवों को देश का 'पहला गांव' बनाना और वहां से हो रहे पलायन को पूरी तरह रोकना है।
इसके तहत राजस्थान में होने वाले बदलावों का पूरा खाका इस प्रकार है:
शामिल किए गए 4 मुख्य सीमांत जिले: इस योजना के दायरे में राजस्थान के 4 अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे रणनीतिक जिले— श्रीगंगानगर, बाड़मेर, बीकानेर और जैसलमेर शामिल किए गए हैं।
184 गांवों का कायाकल्प: इन 4 जिलों के कुल 184 सुदूर सीमावर्ती गांवों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें मुख्यधारा से सीधे जोड़ा जाएगा।
मिलेंगी ये आधुनिक वीआईपी सुविधाएं: इन सुदूर ढाणियों और गांवों में अब प्राथमिकता के आधार पर ऑल-वेदर पक्की सड़कें, हाई-स्पीड 4G-5G मोबाइल नेटवर्क, टेलीविजन कनेक्टिविटी, स्वच्छ पेयजल और 24 घंटे निर्बाध बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि जब बॉर्डर के गांवों में रोजगार और सुविधाएं होंगी, तो देश की सुरक्षा और भी ज्यादा अभेद्य हो जाएगी।
महिला सशक्तिकरण और सरहद पर तैनात महिला प्रहरियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सांचू पोस्ट से एक और बड़ा कदम उठाया। उन्होंने सीमा चौकियों पर तैनात महिला जवानों की सुविधा के लिए नवनिर्मित 14 हाईटेक महिला बैरकों का डिजिटल माध्यम से ई-लोकार्पण किया। इन बैरकों में महिला प्रहरियों की सुरक्षा, गोपनीयता और आधुनिक जीवन स्तर की सभी सुविधाएं मौजूद हैं।
इसके बाद गृह मंत्री शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांचू पोस्ट पर विशेष रूप से तैयार की गई 'प्रहरी शस्त्र गैलरी' का बहुत बारीकी से अवलोकन किया। इस गैलरी में देश के आधुनिकतम हथियारों को प्रदर्शित किया गया था। शाह ने वहां तैनात तकनीकी अधिकारियों से सीमा पार से आने वाले संदिग्ध नार्को-ड्रोन को जाम करने और उन्हें मार गिराने वाली अत्याधुनिक 'एंटी-ड्रोन गन' और राडार तकनीक की कार्यप्रणाली की लाइव जानकारी ली और वैज्ञानिकों व जवानों की पीठ थपथपाई।
अमित शाह के इस दौरे में देश की सनातन संस्कृति और जवानों के प्रति आत्मीयता का एक बहुत ही सुंदर मानवीय पहलू भी देखने को मिला। प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करने से पहले अमित शाह, सीएम भजनलाल शर्मा और अर्जुनराम मेघवाल ने सीमा पर स्थित प्रसिद्ध 'सांचू माता मंदिर' में जाकर विशेष पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने सांचू माता से देश की सीमाओं की सुरक्षा और राजस्थान की खुशहाली की कामना की।
मंदिर दर्शन के बाद गृह मंत्री ने किसी वीवीआईपी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए बीएसएफ के जवानों और अधिकारियों के साथ जमीन पर बैठकर जलपान किया। जवानों के साथ चाय की चुस्कियों के बीच शाह ने उनके घरेलू हालातों, कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी के अनुभवों और उनके कल्याण के लिए चल रही योजनाओं का सीधा फीडबैक लिया। देश के गृह मंत्री को अपने बीच इतना सहज पाकर जवानों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस दौरे को यादगार बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए अमित शाह ने सांचू पोस्ट परिसर में एक औषधीय पौधे का रोपण भी किया।