केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 25 मई को राजस्थान में बीकानेर का दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है। दौरा का पूरा ब्यौरा जल्द आने की उम्मीद है, लेकिन इसे लेकर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। इस बार का गृह मंत्री का दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण रहेगा।
मिडिल ईस्ट में चल रहे वैश्विक तनाव और सामरिक दृष्टिकोण से संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजस्थान की भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को परखने खुद मैदान में उतर रहे हैं। आगामी 25 मई को अमित शाह का बीकानेर आगमन प्रस्तावित है। बीकानेर डिवीजन का बॉर्डर इलाका सीधे तौर पर पाकिस्तान की नापाक हरकतों की जद में रहता है, इसलिए इस दौरे को राष्ट्रीय सुरक्षा और मरुधरा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस महा-दौरे की पूर्व तैयारी को लेकर रविवार को बीकानेर में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक हाई-लेवल प्री-विजिट मीटिंग की। इस बैठक में बीकानेर रेंज के आईजी (IG) ओमप्रकाश और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के डीआईजी (DIG) अजय लूथरा समेत कई खुफिया विभागों के आला अफसर मौजूद रहे, जहां गृह मंत्री के रूट, सुरक्षा प्रोटोकॉल और बॉर्डर के मुख्य एजेंडों पर घंटों मंथन किया गया।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मीडिया को बताया कि गृह मंत्री अमित शाह का आधिकारिक प्रोटोकॉल और मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जल्द ही दिल्ली से जारी कर दिया जाएगा, लेकिन शुरुआती तैयारियों के अनुसार:
25 मई की शाम: अमित शाह विशेष विमान से बीकानेर नाल एयरपोर्ट पहुँचेंगे। इसके बाद वे शहर के गणमान्य लोगों से मुलाकात कर सकते हैं और उनका रात्रि विश्राम बीकानेर मुख्यालय पर ही तय किया गया है।
26 मई की सुबह: गृह मंत्री सीधे भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की एक अग्रिम सीमा चौकी (Border Outpost - BOP) का हवाई या सड़क मार्ग से औचक निरीक्षण करेंगे। वहां वे कड़कड़ाती धूप और थार के रेगिस्तान में देश की रक्षा कर रहे जवानों से रूबरू होंगे और उनके साथ संवाद कर हौसला बढ़ाएंगे।
इस यात्रा का सबसे मुख्य और गंभीर हिस्सा 26 मई को बीकानेर स्थित बीएसएफ मुख्यालय में होने वाली हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग है। जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गृह मंत्रालय के अफसरों और राजस्थान पुलिस के मुखिया के साथ तैयारियों का जायजा लिया है।
एजेंसियों का कड़ा तालमेल: बीएसएफ की खुफिया विंग, आईबी (Intelligence Bureau), और मिलिट्री इंटेलिजेंस के आला अफसर गृह मंत्री के सामने एक सीक्रेट प्रेजेंटेशन रखेंगे कि वर्तमान में सीमा पार से देश विरोधी ताकतें किस तरह के नए हथकंडे अपना रही हैं।
पिछले कुछ महीनों में राजस्थान के बीकानेर और श्रीगंगानगर से सटे बॉर्डर इलाकों में पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे ड्रोन मूवमेंट में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई है।
रात के अंधेरे में उड़ते ड्रोन: पाकिस्तानी तस्कर अब रात के अंधेरे में आधुनिक, कम आवाज करने वाले और हैवी-पेलोड वाले चीनी ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ड्रोनों के जरिए सीमावर्ती खेतों में करोड़ों रुपये की हेरोइन (मादक पदार्थ) और पंजाब-राजस्थान के गैंगस्टरों के लिए ऑटोमैटिक पिस्टल व पिस्तौल गिराए जा रहे हैं।
एंटी-ड्रोन सिस्टम पर फोकस: सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह इस बैठक में पूरे राजस्थान बॉर्डर पर 'इंडीजीनस एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी' (Anti-Drone Systems) और लेजर फेंसिंग को और अधिक मजबूत करने के लिए बड़ा फंड और नई गाइडलाइन जारी कर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर तस्करों के मददगारों और लोकल नेटवर्क को कैसे नेस्तनाबूद किया जाए, इस पर स्थानीय पुलिस को कड़े निर्देश दिए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अमित शाह के इस दौरे के वैश्विक और राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया में सामरिक समीकरण बदल रहे हैं, मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण समुद्री मार्ग और हार्मुज स्ट्रेट संकट में हैं, तब भारत अपनी थल और वायु सीमाओं को एक इंच भी कमजोर नहीं छोड़ सकता।
उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा नीतियां हमेशा 'इंडिया फर्स्ट' के सिद्धांत पर चलती हैं। अमित शाह का यह दौरा यह संदेश देगा कि भारत की सीमाएं पूरी तरह अभेद्य हैं।
जब देश के गृह मंत्री खुद बॉर्डर पर आकर सुरक्षा इंतजामात का जायजा लेते हैं, तो ग्राउंड पर तैनात जवानों का मनोबल दोगुना हो जाता है। अमित शाह का यह बीकानेर दौरा न केवल राजस्थान पुलिस और बीएसएफ के बीच आपसी समन्वय (Coordination) को एक नए स्तर पर ले जाएगा, बल्कि सीमा पार बैठे भारत के दुश्मनों को भी एक स्पष्ट और कड़ा संदेश देगा कि किसी भी प्रकार की हिमाकत का अंजाम बेहद भुगतना पड़ेगा।