पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में बहस पर जवाब दिया।
Rajasthan Politics: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को बीकानेर दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। कांग्रेस के नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में चर्चा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। साथ ही राज्य सरकार के डेढ़ साल पूरे होने पर गहलोत ने कहा कि सीएम भजनलाल शर्मा खुद बोल रहे है कि यमुना का पानी लाएंगे एग्रीमेंट हो गया है, डीपीआर बन रही है। अगर ऐसा हो गया तो मैं जाकर माला पहनाऊंगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि देशवासी चाहते हैं कि 26 लोगों को जो मौत के घाट उतारा था। उसमें चूक कहां हुई, अभी तक कोई जवाब आ नहीं रहा है। चूक कैसे हुई,क्यों हुई और उसके लिए क्या पनिशमेंट दिया गया। ना गृह मंत्री, ना किसी और ने इस्तीफा दिया, एजेंसीज के कोई हेड ने इस्तीफा नहीं दिया तो इसका मतलब कुछ भी नहीं हुआ। जनता जवाब चाहती थी इतनी बड़ी घटना के बाद में आप किन को पनिशमेंट दे रहे हो? और चूक कहां हुई, इसकी इंक्वायरी हुई है क्या? कोई रिपोर्ट नहीं आ रही है और कल जवाब में भी कोई स्पष्ट रूप से बात नहीं आई।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई ने संसद में बात उठाई लेकिन किसी का भी जवाब नहीं दिया गया। सरकार के पास आंकड़े होते हैं, फैक्चुअल रिपोर्ट उनके पास होती है। देश को बताई नहीं गई। विपक्ष की मांग के बाद भी लोकसभा का सेशन नहीं बुलाया गया। बुला लेते तो उस वक्त देशवासियों के सामने बात आती, जवाब-सवाल होते तो जनता ज्यादा संतुष्ट होती। लोकसभा के अंदर आप पुराना इतिहास बता रहे हैं। आपको जो बड़ी उपलब्धियां थीं, उस पर किसी को गर्व नहीं था। कैसे पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए, बांग्लादेश बन गया , अब उसका शिमला समझौता हुआ क्या गलतियां रही आप ये लीपापोती कर रहे हो।
अशोक गहलोत ने सरकार के डेढ़ साल पूरा करने पर कहा कि सीएम भजनलाल शर्मा खुद ही डेढ़ साल से बोल रहे हैं कि यमुना का पानी लाएंगे, एग्रीमेंट हो गया है। डीपीआर बन रही है, तब मैंने कहा कि अगर पानी आता है वास्तव में बहुत खुशी की बात होगी। अगर ऐसा हो गया तो मैं जाकर माला पहनाऊंगा।
साथ ही गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की दिल्ली यात्रा को लेकर कहा कि ये अंदरूनी पार्टी के मामले हैं ,जबसे धनखड़ साहब का एपिसोड हुआ है तब से गवर्नमेंट खुद डिफेंस में भी आ गई है। जगदीप धनखड़ को जिस रूप में मजबूर किया गया या खुद इस्तीफा दिया। उनको इस्तीफा दिलवाया गया, ये तमाम बातें रहस्य बनी हुई हैं।