
हेरिटेज वॉक के दौरान बड़ी पगड़ी पहने हुए लोग। फोटो पत्रिका
International Camel Festival : बीकानेर शहर में अंतरराष्ट्रीय ऊंट महोत्सव का शुक्रवार को ऐतिहासिक हैरिटेज वॉक के साथ आगाज हुआ। इस दौरान नगर सेठ लक्ष्मीनाथ मंदिर से रामपुरिया हवेली तक हैरिटेज वॉक निकली गई, इसमें बीकानेर की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और परंपरागत खानपान को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। हैरिटेज वॉक का शुभारंभ केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने किया।
जब लोगों की निगाहें ऊंट महोत्सव पर टिकी हैं, तब बीकानेर की एक ऐसी लोक परंपरा को याद करना भी जरूरी है, जो आधुनिक जीपीएस और ट्रैकिंग सिस्टम से कहीं पहले अस्तित्व में थी। यह परंपरा थी ‘पागी’, जिसमें केवल पैरों के निशान देखकर गुमशुदा ऊंटों को खोज निकाला जाता था।
पागी प्रथा थार मरुस्थल की अद्भुत लोक-ज्ञान परंपरा थी। अनुभव और प्रकृति की समझ से यह लोग न्याय और सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बने। ऊंट चोरी को गंभीर अपराध माना जाता था। इतिहास में यह विद्या इतनी प्रभावी रही कि रणछोड़दास जैसे पागी 1965 की लड़ाई तक भी प्रासंगिक रहे।
बीकानेर रियासत में ऊंट, ऊंटनी और टोडियों की खोज के लिए विशेष रूप से ‘पागियों’ की सेवाएं ली जाती थीं। रियासत कालीन दस्तावेज वर्ष 1877 की ‘कौंसिल हुकम री बही’ (मोडी लिपि) में इस व्यवस्था का उल्लेख मिलता है। दरबार की ओर से अनुभवी पागियों को थानों में नियुक्त किया जाता था और उन्हें मासिक वेतन दिया जाता था।
रियासतकाल में ऊंट केवल पशु नहीं, बल्कि जनजीवन का आधार था। युद्ध और आवागमन, कृषि और कुओं से पानी निकालना, व्यापारिक माल ढुलाई और डाक सेवा, तीज-त्योहार और मांगलिक अवसर जैसे सभी कार्यों में ऊंट की केंद्रीय भूमिका थी। इसकी ऊंची कीमत और बहुउपयोगिता के कारण ऊंट चोरी की घटनाएं भी होती थीं। ऐसे मामलों में थानों में रिपोर्ट दर्ज होती और पागियों को तलाश पर लगाया जाता था।
इतिहासविद् डॉ. नितिन गोयल बताते हैं कि पागी ऊंटों के पैरों के निशान, उनकी चाल, दिशा और गति के आधार पर यह पहचान लेते थे कि ऊंट कहां गया है और किस हाल में है। इससे उन्हें ‘पागी’ या ‘खोजी’ कहा जाता था।
इतिहासविद् एवं राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान, बीकानेर के वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी डॉ. नितिन गोयल ने बताया कि पागी जैसी परंपराएं याद दिलाती हैं कि तकनीक से पहले भी समाज के पास बुद्धिमत्ता, व्यवस्था और समाधान थे।
Updated on:
10 Jan 2026 08:42 am
Published on:
10 Jan 2026 08:42 am
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