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Camel Festival 2026 : बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव शुरू, ‘रौबिलो’ का जलवा देख पर्यटक झूमे, जानिए और क्या है?

Camel Festival 2026 : बीकानेर में लोक संगीत की थाप, सजे-धजे ऊंटों की चाल और बीकानेरी मेहमाननवाज़ी की खुशबू के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का आगाज़ हो गया है। इस उत्सव में पहली बार मिस्टर बीकाणा–मिस मरवण प्रतियोगिता का आयोजन होगा। जानिए इस उत्सव में और क्या-क्या है?

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Bikaner International Camel Festival has begun Tourists were thrilled by Roubilo brilliance know what else is in store

बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव में रौबिले। फोटो पत्रिका

Camel Festival 2026 : बीकानेर में लोक संगीत की थाप, सजे-धजे ऊंटों की चाल और बीकानेरी मेहमाननवाज़ी की खुशबू के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का आगाज़ शुक्रवार को लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से रामपुरिया हवेली तक हेरिटेज वॉक से हुआ। तीन दिन तक चलने वाले इस उत्सव में परंपरा, संस्कृति और स्वाद का ऐसा संगम सजेगा, जो देशी-विदेशी पर्यटकों को बीकानेर की आत्मा से रूबरू कराएगा। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल स्वयं इस काफिले में पैदल चल रहे थे।

रौबिले बने विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र

जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वॉक के आगे सजे-धजे ऊंटों के साथ ही रौबिले चले। चेहरे पर रौब वाली दाढ़ी और मूछों के साथ ये रौबिले विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने। वहीं राजस्थानी परिधान में महिलाएं भी इस हेरिटेज वॉक का हिस्सा बनीं। उनकी पोशाक विदेशियों को आकर्षित कर रहीं थी।

मान-मनुहार में होगा ट्रेडिशनल बीकानेरी फूड फेस्टिवल

जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने बताया कि इस मौके पर भुजिया, घेवर और जलेबी बनाने का लाइव प्रदर्शन कर पर्यटकों को बीकानेरी स्वाद से रूबरू कराया जाएगा। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि हेरिटेज वॉक के बाद सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक जिला उद्योग संघ के कार्यालय में मान-मनुहार कार्यक्रम के तहत ट्रेडिशनल बीकानेरी फूड फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा।

धरणीधर मैदान में पहली बार नई प्रतियोगिताएं

धरणीधर मैदान में पहली बार मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण और ढोला-मारू प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक प्राउड एंड प्राइड ऑफ बीकानेर कार्यक्रम होगा। इसी मैदान में शाम 7 से रात 10 बजे तक बीकाणा री आवाज कार्यक्रम के तहत लोकल ग्रुप म्यूजिकल बैंड प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। विजेता टीम को अगले दिन डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में प्रस्तुति का अवसर मिलेगा।

दूसरे दिन योग और ऊंटों की परंपरा

10 जनवरी को सुबह 8 से 9 बजे तक संसोलाव तालाब किनारे करें योग, रहें निरोग कार्यक्रम के तहत फ्लो योग अभ्यास कराया जाएगा। सुबह 9 से दोपहर ढाई बजे तक राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र में ऊंटां री बातां कार्यक्रम के अंतर्गत ऊंट नृत्य, फर कटिंग, साज-सज्जा, ऊंट दौड़ और घुड़दौड़ होंगी। इसी दिन सुबह 11 से शाम 5 बजे तक डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में राजस्थान राज्य अभिलेखागार की ओर से ऊंटां रो इतिहास-विरासत विषय पर कला प्रदर्शनी लगेगी। शाम 7 से रात 10 बजे तक बेस्ट ऑफ राजस्थान फोक नाइट का आयोजन होगा।

अंतिम दिन रायसर के धोरों में रोमांच

11 जनवरी को रायसर के धोरों में सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक दम-खम ग्रामीण खेल आयोजित किए जाएंगे, जिनमें रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, पगड़ी बांधना, महिला मटका दौड़ और देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच दौड़ शामिल हैं। दोपहर डेढ़ से शाम साढ़े 6 बजे तक एडवेंचर एक्टिविटी और डेजर्ट एक्सपीरियंस होंगे। पुष्कर के अजय रावत द्वारा सैंड आर्ट प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही हैंडीक्राफ्ट व फूड बाजार, कैमल सफारी, ऊंटगाड़ी व घुड़दौड़ आकर्षण का केंद्र रहेंगे। शाम 6 से रात 10 बजे तक रंगीलो राजस्थान कार्यक्रम के साथ जसनाथी संप्रदाय की ओर से अग्नि नृत्य की प्रस्तुति होगी और उत्सव का समापन किया जाएगा।

योग को जोड़ना इस बार का नवाचार

इस बार ऊंट उत्सव में पहली बार योग को शामिल किया गया है। संसोलाव तालाब के पास पीपल वाटिका में होने वाले योग सत्र से पर्यटकों को योग के महत्व के साथ ऐतिहासिक स्थल की जानकारी भी मिलेगी।
भुवनेश पुरोहित, योग प्रशिक्षक

आंखों पर पट्टी बांधकर बांधी विशाल पगड़ी

बीकानेर के उदासर निवासी मुमताज अली मीर ने अपनी कला का अनोखा प्रदर्शन करते हुए आंखों पर पट्टी बांधकर विशाल पगड़ी बांधी। मीर ने यह पगड़ी बिना देखे तय समय में बांधकर सबको चौंका दिया। मुमताज अली मीर ने बताया कि यह पगड़ी ऊंट उत्सव के दौरान डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में प्रदर्शित की जाएगी।

पगड़ी की कुल लंबाई 850 मीटर (करीब 22 हजार 900 फुट) है, जबकि इसकी गोलाई 9 फुट 9 इंच है। इसे बांधने में कुल 25 मिनट 26 सेकेंड का समय लगा। इस अनूठे प्रदर्शन में जलालुदीन, तम्मना और तनवीर ने मीर का सहयोग किया। मीर ने बताया कि इससे पहले अस्मित अली की ओर से 900 मीटर लंबी पगड़ी बांधने का रिकॉर्ड बनाया गया था।

आज होंगे ये कार्यक्रम

1- सुबह 11.30 बजे तक लक्ष्मीनाथ मंदिर से रामपुरिया हवेली तक हेरिटेज वॉक।
2- सुबह 11.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक 'मान मनुहार' कार्यक्रम में पारम्परिक बीकानेरी फूड फेस्टिवल।
3- दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक धरणीधर ग्राउंड में 'प्राउड एंड प्राइड ऑफ बीकानेर' और 'वॉयस ऑफ बीकानेर'। मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण शो और ढोला-मारू प्रतियोगिता होगी।
4- शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक 'बीकाणा री आवाज'।