26 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीकानेर: बालक के वजन के बराबर किताबें बांटी, जन्मदिन पर केक नहीं, बच्चों की मिली ज्ञान की सौगात

मूंधड़ा चौक स्थित लटियाल भवन में 8 वर्षीय अनंत नारायण व्यास का जन्मदिन अनोखे अंदाज में मनाया गया। पिता मधुसूदन व्यास ने बेटे के वजन के बराबर करीब 450 पुस्तकें दान कर बच्चों में वितरित कीं। गुरुकुल परंपरा से प्रेरित इस ‘पुस्तक तुला’ पहल की शहरभर में सराहना हो रही है।

2 min read
Google source verification
Bikaner Boy Celebrates Birthday by Donating Books Equal to His Weight Skips Cake for Knowledge Gift

बच्चे की आरती उतारते माता-पिता (फोटो- पत्रिका)

बीकानेर: आज के दौर में जन्मदिन का मतलब अक्सर केक काटना, बड़े होटलों में पार्टी करना और दिखावटी आयोजनों से जुड़ गया है। इस पर लोग लाखों रुपए खर्च कर देते हैं। इसके बदले महंगे गिफ्ट और नकद राशि भी आती है।

यदि ऐसे समय में कोई पिता अपने आठ वर्षीय पुत्र के जन्मदिन पर उसके वजन के बराबर पुस्तकें दान करने का संकल्प ले, तो यह समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन जाता है। बीकानेर शहर में ऐसा ही एक अनूठा आयोजन देखने को मिला।

शहरी परकोटे के मूंधड़ा चौक स्थित लटियाल भवन में आठ वर्षीय अनंत नारायण व्यास का जन्मदिन ‘पुस्तक तुला’ के रूप में मनाया गया। इस विशेष आयोजन में बालक को तुला के एक पालने में बैठाया गया और उसके वजन के बराबर पुस्तकों का दान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित परिजनों और बहनों ने पुस्तकों सहित अनंत नारायण की आरती उतारी। जैसे ही उसका वजन पूरा हुआ, वहां मौजूद बच्चों के बीच पुस्तकें वितरित कर दी गईं।

गुरुकुल परंपरा से प्रेरित पहल

यह पुस्तक तुला की प्रेरणा अहमदाबाद स्थित पुनरुत्थान विद्यापीठ से जुड़ी है, जो गुरुकुल पद्धति आधारित शिक्षा प्रणाली को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से कार्यरत है। विद्यापीठ द्वारा भारतीय ज्ञानधारा पर आधारित लगभग 1200 पुस्तकों का प्रकाशन किया गया है। इन पुस्तकों में भारतीय तीज-त्योहार, रीति-नीति, संस्कार, महापुरुषों की जीवनियां और सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश है।

पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं

अनंत के पिता मधुसूदन व्यास ने बताया कि पुस्तकें किसी भी सुशिक्षित और सुसंस्कृत परिवार की पहचान होती हैं। मोबाइल, टैबलेट और एआई के इस युग में भी पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में उन्होंने पुत्र के जन्मदिन पर ‘पुस्तक तुला’ का आयोजन किया।

साढ़े चार सौ पुस्तकों का वितरण

अनंत के वजन के बराबर करीब साढ़े चार सौ छोटी-बड़ी पुस्तकें बच्चों में वितरित की गई। कुछ पुस्तकें पुस्तकालयों में भी दी गई। मधुसूदन व्यास वर्तमान में अपनी पत्नी रुचिका के साथ पुनरुत्थान विद्यापीठ में अध्ययनरत हैं।

घर पर टीवी नहीं और मोबाइल की अनुमति नहीं

अनंत किसी औपचारिक विद्यालय में नहीं जाता, फिर भी वह कई विधाओं में पारंगत है। उसे श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक कंठस्थ हैं। भजनों और मंत्रों का ज्ञान है तथा वह हारमोनियम सहित अनेक वाद्य यंत्र बजा लेता है। उसके घर में टेलीविजन नहीं है। मोबाइल देखने की अनुमति भी नहीं है। फिर भी वह सामान्य बच्चों की तुलना में अधिक ज्ञानवान और संस्कारित दिखाई देता है।