बीकानेर

जीजा ने साले से कहा था- सुमन को मैंने मार दिया, अब अगला नंबर तेरा है, बीकानेर में तलाकशुदा ANM पत्नी के कातिल पति को उम्रकैद

Bikaner News: बीकानेर की अपर सेशन कोर्ट ने तलाक के बाद पूर्व पत्नी एएनएम सुमन चौधरी की पत्थर से हत्या करने के दोषी कृष्णपाल सिंह को उम्रकैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट, खून से सनी टी-शर्ट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या का दोष सिद्ध माना।
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Jul 07, 2026
Bikaner Court News
बीकानेर में तलाकशुदा ANM पत्नी के कातिल पति को उम्रकैद (पत्रिका फाइल फोटो)

Bikaner Court News: बीकानेर: विवाह विच्छेद (तलाक) होने के बाद भी अपनी पूर्व पत्नी का पीछा कर, पत्थर से वार कर उसकी निर्मम हत्या करने के सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। बीकानेर की अपर सेशन न्यायालय संख्या-5 ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय की पीठासीन अधिकारी मधु हिसारिया ने झुंझुनूं जिले के पिलानी स्थित देव कॉलोनी निवासी 43 वर्षीय कृष्णपाल सिंह (पुत्र रामजीलाल) को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत दोषी पाया।

आजीवन कारावास के साथ-साथ न्यायालय ने दोषी पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यदि दोषी इस अर्थदंड की राशि को जमा नहीं कराता है, तो उसे छह महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इस बहुचर्चित हत्याकांड की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजन पक्ष की ओर से कड़ी पैरवी की गई, जिसमें वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को बेहद मजबूती से अदालत के सामने रखा गया।

22 गवाह और 48 दस्तावेजों ने तय किया आरोपी का गुनाह

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक शिवशंकर स्वामी और पीड़ित पक्ष के वकील ने अदालत के समक्ष बेहद ठोस पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को संदेह से परे साबित करने के लिए कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और 48 महत्वपूर्ण दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। इन गवाहों के बयानों, कॉल रिकॉर्ड्स और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने माना कि यह महज एक अपराध नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी।

ड्यूटी से लौटते ही किया था जानलेवा हमला

अभियोजन की फाइलों के अनुसार, यह खौफनाक वारदात अगस्त 2023 की है। मृतका सुमन चौधरी चिकित्सा विभाग में एएनएम (ANM) के पद पर कार्यरत थीं। घटना के दिन वह दोपहर में अपनी ड्यूटी पूरी कर वापस अपने घर पहुंची थीं। सुमन जैसे ही घर में दाखिल हुईं, पहले से ही उनका पीछा कर रहा आरोपी कृष्णपाल सिंह भी वहां पहुंच गया। उसने सुमन को संभलने का मौका भी नहीं दिया और पीछे से उनके सिर पर भारी पत्थर से ताबड़तोड़ वार कर दिया। सिर कुचल जाने के कारण सुमन की मौके पर ही मौत हो गई। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई थी।

सरकारी नौकरी के बाद बढ़ा था विवाद, गबन के बाद बिगड़े रिश्ते

पीड़ित पक्ष के वकील के अनुसार, कृष्णपाल सिंह और सुमन चौधरी की शादी 11 मई 2003 को हुई थी। साल 2011 में सुमन का चयन एएनएम के पद पर हुआ और उनकी पहली पोस्टिंग घीगासर गांव में हुई। इसके बाद उनका तबादला बरसिंहसर हो गया। इसी बीच, पोस्ट ऑफिस में कार्यरत पति कृष्णपाल सिंह पर सरकारी धन के गबन का आरोप लगा, जिसके कारण उसे जेल की हवा भी खानी पड़ी।

जेल जाने और गबन के मामले के बाद दोनों पति-पत्नी के बीच विवाद काफी गहरा गया। आखिरकार कृष्णपाल ने साल 2019 में तलाक की अर्जी लगाई और उसी साल दोनों का कानूनी तौर पर तलाक हो गया। हालांकि, तलाक के बाद भी कृष्णपाल की प्रताड़ना कम नहीं हुई। वह लगातार सुमन का पीछा करता, उनके साथ मारपीट करता और जान से मारने की धमकियां देता रहता था। इस संबंध में मृतका के परिजनों ने पहले भी पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई थीं।

साले को फोन कर दी थी धमकी- अगला नंबर तेरा है

इस हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाला और अहम मोड़ तब आया, जब हत्या करने के तुरंत बाद आरोपी ने अपने साले (मृतका के भाई) विकास को फोन किया। आरोपी ने फोन पर सीधे तौर पर अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए कहा, सुमन को तो मैंने मार दिया है, अब अगला नंबर तेरा है। तुझे भी मार दूंगा।

पुलिस की जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह पूरी तरह साफ हो गया कि वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी के मोबाइल से विकास को फोन किया गया था। इस गवाही और तकनीकी साक्ष्य को अदालत ने आरोपी की आपराधिक मंशा का बड़ा सबूत माना।

डीएनए रिपोर्ट और खून से सनी टी-शर्ट ने खोली पोल

सदर थाना पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश करते हुए घटनास्थल से खून से सना हुआ वह पत्थर बरामद किया था, जिससे सुमन की हत्या की गई थी। इसके साथ ही आरोपी कृष्णपाल सिंह के कब्जे से घटना के समय पहनी गई टी-शर्ट भी बरामद की गई, जिस पर खून के गहरे निशान थे।

पुलिस ने जब इस टी-शर्ट और पत्थर पर लगे रक्त के नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा, तो डीएनए प्रोफाइल का मिलान सीधे मृतका सुमन चौधरी के रक्त से हो गया। इसके अलावा, गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के हाथ पर भी चोट के निशान पाए गए थे, जिन्हें अदालत ने अपराध के दौरान हाथापाई या संघर्ष का महत्वपूर्ण संकेत माना।

'सबूतों की अटूट श्रृंखला आरोपी के खिलाफ'

माननीय न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह से वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की एक मजबूत कड़ी पर आधारित है। अदालत ने कहा कि तलाक के बाद भी मृतका को लगातार प्रताड़ित करना, हत्या से ठीक पहले दी गई धमकियां, वारदात के तुरंत बाद मृतका के भाई को किया गया धमकी भरा फोन, आरोपी के पास से बरामद खून से सनी टी-शर्ट, घटनास्थल से मिला पत्थर और एफएसएल की वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलकर एक ऐसी अटूट श्रृंखला बनाते हैं, जिससे यह पूरी तरह साबित होता है कि सुमन चौधरी की हत्या कृष्णपाल सिंह ने ही की थी।

Updated on:
07 Jul 2026 05:41 pm
Published on:
07 Jul 2026 05:41 pm