
श्रीडूंगरगढ़ गांव गुसाईंसर बड़ा में एक भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी । चार बहनों के इकलौते भाई और विधवा मां के एकमात्र सहारे 17 वर्षीय ओमप्रकाश जाट की पिकअप-ट्रोला भिड़ंत में मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी घायल हो गए। हादसे ने उस परिवार की खुशियां भी छीन लीं, जहां अगले ही दिन शादी की शहनाइयां गूंजनी थीं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है । हादसा इतना दर्दनाक था कि जिसने भी इसकी खबर सुनी, उसकी आंखें नम हो गईं। गांव गुसाईंसर बड़ा ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस के अनुसार, गुसाईंसर बड़ा निवासी ओमप्रकाश पुत्र हरदेवाराम जाट अपने साथी मुन्नीराम कंस्वा के साथ श्रीडूंगरगढ़ आया था। यहां सीकर में नीट की तैयारी कर रहा मुन्नीराम का चचेरा भाई अभिषेक भी उनसे मिला। देर रात तीनों पिकअप से गांव लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे गांव के निकट उनकी पिकअप आगे चल रहे ट्रोले से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बीच की सीट पर बैठे ओमप्रकाश के सिर में गंभीर चोटें आईं।
सूचना मिलते ही थानाधिकारी कश्यप सिंह, एसआई मोहनलाल, राजेन्द्र कुमार और एएसआई गजेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को पीबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। बीकानेर ले जाते समय रास्ते में ओमप्रकाश ने दम तोड़ दिया। घायल मुन्नीराम का पीबीएम अस्पताल में उपचार जारी है। राहत एवं बचाव कार्य में 'आपणो गांव सेवा समिति' और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसायटी के सेवादारों ने भी सहयोग किया।
ओमप्रकाश के पिता का पहले ही निधन हो चुका था । परिवार में विधवा मां और चार छोटी बहनों की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी । वह पढ़ाई के साथ काम कर परिवार का खर्च उठाने में मदद करता था । उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और भविष्य की सारी उम्मीदें बिखर गईं । गौरतलब है कि मुन्नीराम कंस्वा के परिवार में 6 जुलाई को विवाह समारोह होना था। इसी समारोह में शामिल होने के लिए उसका चचेरा भाई अभिषेक सीकर से गांव आया था ।