
बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर शहर से एक दुखद घटना सामने आई है। कोटगेट थाना क्षेत्र के चोखुंटी इलाके में रविवार को एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्चे ने फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। वहीं, अपने सगे भाई को इस स्थिति में देखकर घबराई 15 वर्षीय बड़ी बहन ने घर में रखी चूहे मारने की दवा निगल ली। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और चोखुंटी क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस और परिजनों की मदद से दोनों बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने 13 वर्षीय बालक को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर हालत में नाबालिग बालिका को पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
कोटगेट थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, मृतक बालक की उम्र 13 साल थी। प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों सगे भाई-बहन थे। घर में बच्चों के बीच किसी बात को लेकर सामान्य अनबन या कोई बात हुई थी, जिसके बाद बच्चे ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। जब उसकी 15 वर्षीय बहन ने भाई को इस हालत में देखा, तो वह बुरी तरह डर गई और सदमे में आकर उसने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया।
इस हादसे की खबर जैसे ही मोहल्ले में फैली, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए एकत्र हो गए। हर कोई इस घटना से हैरान और दुखी है। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।
थानाधिकारी के मुताबिक, पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।