
बीकानेर. बीएसएनएल अधिकारी वर्ग की संचार निगम अधिकारी यूनियन, एसएनईए की दो दिवसीय छठी राज्यस्तरीय कॉफ्रेंस शुक्रवार को गंगाशहर स्थित आशीर्वाद भवन में शुरू हुई। एसएनईए के बीकानेर जिला सचिव महेश व्यास ने बताया कि सबसे पहले एनएनईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष व महासचिव ने पार्टी ध्वजारोहण कर अधिवेशन की शुरुआत की। इस अवसर पर एक खुले अधिवेशन का आयोजन किया गया। इसका विषय बीएसएनएल की आर्थिक स्थिति मे सुधार कैसे किया जाए था। अधिवेशन के मुख्य अतिथि केन्द्रीय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि वो स्वयं बीएसएनएल के कर्मचारी रह चुके हैं तथा बीएसएनएल की समस्याओं से अवगत हैं।
मेघवाल ने वादा किया कि बीएसएनएल कर्मचारियों, अधिकारियों की 4 जी स्पेक्ट्रम आवंटन, 3 पीआरसी, पेंशन तथा अन्य मांगे हैं, वो स्वयं निजी तौर पर संचार मंत्री से वार्ता कर इन समस्याओं को सुलझाएंगे। विशिष्ट अतिथि राजस्थान दूरसंचार परिमण्डल के मुख्य महाप्रबन्धक ओपी गुप्ता ने कहा कि सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की मेहनत से राजस्थान परिमंडल सम्पूर्ण भारत मे अंडमान निकोबार दीप के बाद दूसरे स्थान पर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एसोसिएशन की ओर से कोई भी मुद्दे उनके ध्यान में लाए गए है उन पर कार्रवाई करके समाधान निकाला जाएगा। राजस्थान दूरसंचार परिमण्डल के वरिष्ठ महाप्रबन्धक (वित्त) जीपी वर्मा ने कहा कि अब बीएसएनएल धीरे-धीरे धाटे से उबर रहा है तथा बीएसएनएल कर्मचारियों को कतई घबराने की जरूरत नहीं है। सम्मेलन को एसएनईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष एए खान, महासचिव के सेबस्टीन, परिमण्डल अध्यक्ष वीएस खीचड़, राज्य महासचिव एसएस राजपूत, बीएसएनएलईयू राजस्थान दूंरसचार परिमण्डल कमल सिंह गोहिल सहित कई नेताओं ने विचार रखे। सम्मेलन में मुख्य अतिथियों को माल्यार्पण, साफ ा पहनाकर तथा स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अधिवेशन में प्रदेशभर से आए सभी जिला सचिव तथा डेलीगेटस समेज 250-300 जने हिस्सा ले रहे हैं।
बैठक आज
बीकानेर. राजस्थान फार्मासिस्ट हितकारी संघ एवं संविदा फार्मासिस्ट संघ की संयुक्त बैठक शनिवार को गांधी पार्क में होगी। इसमें २६ अगस्त से शुरू किए जाने वाले अनशन पर विचार-विमर्श किया जाएगा। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक छंगाणी ने बताया कि फार्मासिस्ट भर्ती २०१८ के नियमों में संशोधन कर (फार्मासिस्ट भर्ती २०१३ के अनुसार) पैरामेडिकल नर्सिंग भर्ती के समान ही मेरिट, बोनस अंकों के आधार पर भर्ती की जाए ताकि १० वर्षों से संविदा पर कार्यरत फार्मासिस्टों को भी स्थायी होने का मौका मिल सके। राजस्थान सहकारी होलसेल भंडार एवं अन्य सभी संविदा निविदा फार्मासिस्टों को भी बोनस अंक दिया जाए। राजस्थान में मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा वितरण केन्द्र तकरीबन १४ हजार है। केन्द्रों की संख्या देखते हुए तीन हजार पदों को और बढ़ाया जाए। इन सभी मांगों को पूरा नहीं करने से आक्रोशित फार्मासिस्ट अब आंदोलन का मानस बना रहे हैं।