
CM Bhajanlal : राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश देता है और हमारी सरकार इसी संवैधानिक भावना के अनुरूप राजस्थान सिविल संहिता-2026 लाने की दिशा में काम कर रही है। सीएम भजनलाल शर्मा शनिवार को बीकानेर के डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में 80वें स्वतंत्रता दिवस राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे।
सीएम भजनलाल ने कहा कि इससे प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून सुनिश्चित किया जा सकेगा। प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण निर्माण करने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े और कड़े कदम उठाए हैं। सीएम भजनलाल ने कहा कि सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जबरन पलायन और संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए राजस्थान अशांत क्षेत्र कानून लाया गया। इससे लोगों को अपने घर, अपनी पुश्तैनी जमीन और अपनी पहचान छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। प्रलोभन अथवा कपटपूर्वक धर्मान्तरण के प्रयासों को रोकने के लिए विधि-विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, जिससे अपराध घट रहे हैं और प्रदेश में अमन और चैन का वातावरण बना है।
सीएम भजनलाल ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राजस्थान में विकास की गति तेज हुई है। पचपदरा में 79 हजार 459 करोड़ रुपए की लागत से एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का शुभारंभ हुआ है, वहीं माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री के कर कमलों द्वारा हुआ है। ये परियोजनाएं राजस्थान के विकास का नया इंजन बनेगी।
सीएम भजनलाल ने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोजना को तेजी से मूर्त रूप दिया जा रहा है। करीब 91 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना में अब तक 26 हजार करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। इस परियोजना से प्रदेश के 17 जिलों की आबादी को पेयजल और सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। यमुना जल को राजस्थान तक लाने के लिए लगभग 34 हजार करोड़ रुपए की परियोजना का एमओए हो चुका है। इससे शेखावाटी क्षेत्र के करीब 75 लाख लोगों को स्थायी पेयजल सुरक्षा मिलेगी।
सीएम भजनलाल ने कहा कि राजस्थान अब बिजली खरीदने वाले राज्य से बिजली प्रदाता राज्य की दिशा में आगे बढ़ चुका है। राजस्थान सौर ऊर्जा क्षमता में देश में प्रथम और अक्षय ऊर्जा क्षमता में दूसरे स्थान पर है। कुसुम कंपोनेंट-ए और सी में भी राजस्थान देश में प्रथम है। 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने विद्युत क्षेत्र में 2 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज भार भी कम किया है।
सीएम भजनलाल ने कहा कि प्रदेश में सड़क नेटवर्क और सार्वजनिक परिवहन का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। महज 31 माह में 18 हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों का निर्माण किया गया है। नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण में राजस्थान को विशेष लाभ मिला है। देश में स्वीकृत 10 हजार 389 किलोमीटर हाई-स्पीड कॉरिडोर एवं ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में से एक हजार 192 किलोमीटर राजस्थान में बने हैं, जो देश के किसी भी राज्य से अधिक है।
सीएम भजनलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राज्य में वार्षिक सहायता छह हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपए की गई है। अब तक 76 लाख से अधिक किसानों को तीन हजार 734 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि दो लाख 31 हजार से अधिक नए कृषि कनेक्शन जारी किए गए हैं और बिजली बिलों में 61 हजार करोड़ रुपए के अनुदान के साथ गेहूं पर समर्थन मूल्य से अतिरिक्त 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। एक करोड़ से अधिक किसानों को करीब 67 हजार करोड़ रुपए के ब्याजमुक्त फसली ऋण वितरित किए गए हैं।
सीएम भजनलाल ने कहा कि श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों के लिए मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना शुरू की गई है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक संबल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर एक हजार 450 रुपए प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है। पालनहार योजना में छह लाख से अधिक बच्चों को तीन हजार करोड़ रुपये से लाभान्वित किया गया है।
सीएम भजनलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत तीन लाख 82 हजार आवास निर्माण हुआ है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में छह लाख मरीजों को 9,700 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार मिला है। खाद्य सुरक्षा में एक करोड़ नए नाम जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।
सीएम भजनलाल ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना में सात किस्तों में डेढ़ लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजनाओं से एक लाख से अधिक महिलाएं एवं बालिकाएं निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना के तहत दो लाख से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को डिजिटल साक्षरता और डिजिटल कौशल प्रदान किया गया है।