
शहर कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कांग्रेस के दो धड़ों में खींचतान चल रही है। एक धड़े के पदाधिकारियों ने दिल्ली में अपनी बात रखने के लिए डेरा ही डाल लिया है। लम्बे अर्से से स्थानीय स्तर पर चल रही खींचतान अब जगजाहिर हो चुकी है। एेसे में पार्टी आलाकमान भी शहर अध्यक्ष के नामकरण को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं कर रहे। हालांकि इसकी घोषणा इसी सप्ताह होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कांग्रेस पदाधिकारियों के दो धड़ों में बंटने से संगठन चुनाव करवाना पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. बीडी कल्ला के लिए चुनौती बना हुआ है। वे संगठन चुनाव को सर्वसम्मति से करवाने के पक्ष में हैं, वहीं दूसरा पक्ष इनसे उलट अपनी बात रख रहा है। उनका तर्क है कि संगठन चुनाव के लिए अब नए नाम की घोषणा होनी चाहिए।
राजनीति के जानकारों की मानें तो कांग्रेस का एक धड़ा वर्तमान शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत, जनार्दन कल्ला तथा कन्हैया लाल टाक के नाम को तरजीह दे रहा है। वहीं दूसरा धड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाबू जयशंकर जोशी, भवानी शंकर शर्मा, गुलाम मुस्तफा तथा कांग्रेस के चन्द्र प्रकाश गहलोत के नाम की ओर इशारा कर रहा है।
कोषाध्यक्ष से मिले
उधर दूसरे धड़े में शामिल प्रदेश कांग्रेस सचिव राजकुमार किराडू, एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष सुन्दर बैरड़, पूर्व बीसूका सदस्य प्रेमरतन जोशी तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाबू जयशंकर जोशी के साथ एक प्रतिनिधिमण्डल ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा से संगठनात्मक चुनावों को लेकर लम्बी मंत्रणा की। उन्होंने आपसी फूट के चलते पार्टी को स्थानीय स्तर पर होने वाले नुकसान से भी आला पदाधिकारियों को अवगत करवाया।
उपेक्षितों को मौका संभव
जानकारों की मानें तो इस बार दिल्ली में बैठे कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी लम्बे अर्से से चल रही खींचतान को खत्म करने के मूड में है। कहा तो यह भी जा रहा है कि इस बार शहर अध्यक्ष के लिए उन लोगों को मौका मिलेगा, जो लम्बे अर्से से अपनी ही पार्टी में उपेक्षित नजर आते हैं।