
निखिल स्वामी/बीकानेर. हिरण शिकार के मामले में भले ही अभिनेता सलमान खान जेल की हवा खाकर आए हों, लेकिन जिले में भी कई शिकारी हैं, जो खुलेआम घूम रहे हैं। वे आए दिन चिंकारा, ब्लैक बक को निशाना बना रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग व पुलिस प्रशासन की आंखें नहीं खुल रही हैं।
हिरण शिकार के आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल यह ग्राफ बढ़ता जा रहा है, जबकि वन विभाग की अनदेखी से इन मामलों में कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। वन्यजीव प्रेमियों ने बताया कि नोखा तहसील में बीकानेर जिले में सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
चिंकारा व ब्लैक बक की मौत का ग्राफ बढऩे के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस बारे में बीकानेर के उपवन संरक्षक (वन्यजीव) रामनिवास कुमावत से बात की तो उन्होंने कुछ बताने में असमर्थता जताई। उन्होंने कि उनके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।
चिंकारा के मांस की सप्लाई
हर साल चिंकारा के शिकार के बाद उनके मांस का व्यापार होता है। इसे कई बार होटलों व अन्य लोगों को सप्लाई किया जाता है।
बढ़ रही घटनाएं
मांस खाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है, इसलिए इनका शिकार हो रहा है। हर साल शिकार की घटनाएं बढ़ रही हैं।
मोखराम धारणियां, अध्यक्ष, जीव रक्षा संस्था बीकानेर
हर साल हो रहा शिकार
वर्ष शिकार के
मामले
२०१० ०४
२०११ १३
२०१२ १२
२०१३ १५
२०१४ १४
२०१५ २१
२०१६ २१
२०१७ २०
२०१८ ०६
अवैध खनन पर लगे रोक
बीकानेर. आरटीआई कार्यकर्ता गणेशदान बीठू ने शोभासर, बदरासर, कावनी एवं नाल में ग्रेवल, कांकर आदि के अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति मंे बताया कि अवैध खनन से राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। संबंधित अधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी होने के बाद भी अवैध खनन लगातार जारी है। शोभासर, बदरासर अनधिकृत नाकों को तुरन्त हटवाने की मांग की है।