जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रति इकाई तय मापदण्ड का चौथाई पानी ही शहरों में आपूर्ति हो पा रहा है।
बीकानेर संभाग में नहर आधारित पेयजल योजनाओं में जल संकट की स्थिति खड़ी हो गई है। संभाग के करीब 350 गांवों और बीकानेर जिले के 130 गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। अस्थाई व्यवस्था के तहत पेयजल के लिए सप्ताह में एक बार पानी पहुंच रहा है। वहीं शहरी क्षेत्र में 48 से 72 घंटे के अंतराल पर पानी की आपूर्ति हो पा रही है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रति इकाई तय मापदण्ड का चौथाई पानी ही शहरों में आपूर्ति हो पा रहा है।
बीकानेर संभाग मुख्यालय पर एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। जिससे लोगों की न्यूनतम आवश्यकता ही पूरी हो पा रही है। एेसे में शहरी क्षेत्र में भी लोग ट्यूबवैल या टंकियों का पानी खरीदकर आवश्यकता पूरी कर रहे हैं। गांवों में 3 से 5 दिन या सात दिनों से पानी दिया जा रहा है। वहीं नहर विभाग का कहना है कि 4 मई की शाम तक मसीतांवाली हैड तक पानी पहुंच जाएगा। इसके बाद पानी की आपूर्ति सामान्य होनी शुरू हो जाएगी।
नहर में आज पानी पहुंचने की उम्मीद
गुरुवार शाम तक नहर में 7 हजार क्यूसेक पानी नहीं छोड़ा गया। अब पानी धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है। एेसे में 4 मई की शाम तक पानी मसीतांवाली हैड तक पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री की 582 हैड पर बने हैड रेग्यूलेटर का लोकार्पण और एरियल सर्वे का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इससे भी पानी नहीं रोका जाएगा।
के. एल. जाखड़, मुख्य अभियंता (उत्तर)
13 गांवों में पेयजल परिवहन व्यवस्था
शहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति 48 घंटे से हो रही है। पानी की मात्रा में भी कटौती की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में 12-13 गांवों पेयजल परिवहन व्यवस्था की गई है। जिले की दो ग्रामीण योजनाओं में 5 से 6 दिनों में एक बार पानी दिया जा रहा है। अब नहर में पानी छोड़ दिया गया है। पानी पहुंचने के बाद जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी।
बी. कृष्णन, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, पीएचइडी बीकानेर
सब जगह काम बंद
इंदिरा गांधी नहर में सब जगह मरम्मत के काम बंद करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नहरों में पानी छोड़ दिया गया है। पानी तय समय ९ मई तक बीकानेर पहुंच जाएगा। अगले एक दो दिन में टेलों तक पानी पहुंच जाएगा।
विनोद मित्तल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता (रेग्यूलेशन) बीकानेर