Rajasthan School Holiday News: इसी कारण शिक्षकों को अन्य सरकारी कर्मचारियों (जिन्हें 30 PL मिलती हैं) के मुकाबले केवल 15 उपार्जित अवकाश (Privilege Leave) दिए जाते हैं। अगर छुट्टियां काटी गईं, तो यह उनके अधिकारों का हनन होगा।"
Rajasthan Education News: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपनी कमर कस ली है, लेकिन विभाग के एक नए प्रस्ताव ने शिक्षकों और छात्रों के बीच खलबली मचा दी है। विभाग द्वारा तैयार किए गए नए 'शिविरा पंचांग' के अनुसार, इस बार गर्मियों की छुट्टियों (Summer Vacations) में भारी कटौती करने की योजना बनाई गई है। जहां अब तक छुट्टियां 45 दिनों की होती थीं, वहीं अब इन्हें घटाकर केवल 36 दिन करने का प्रस्ताव रखा गया है। करीब बीस फीसदी अवकाश काट दिए गए हैं।
बीकानेर शिक्षा निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार, नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल 2026 से शुरू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। गौरतलब है कि पिछले साल कोरोना या अन्य प्रशासनिक कारणों से सत्र की शुरुआत देरी से हुई थी, लेकिन इस बार विभाग इसे पटरी पर लाने के लिए संकल्पित है। नए सत्र के पंचांग का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है और मंजूरी मिलते ही इसे आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया जाएगा।
प्रस्तावित पंचांग के अनुसार, इस साल ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से शुरू होकर 20 जून तक रहने की संभावना है। 21 जून को रविवार होने के कारण स्कूल संभवतः 22 जून से खुलेंगे। पिछले साल की तुलना में यह काफी कम है, क्योंकि पिछले सत्र में 17 मई से 30 जून तक का अवकाश मिलता था।
शिक्षा विभाग के इस कदम का शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि छुट्टियों में कटौती करना नियमों के विरुद्ध है। "शिक्षकों को साल भर में 45 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश, 12 दिन का मध्यावधि और 14 दिन का शीतकालीन अवकाश मिलता है। इसी कारण शिक्षकों को अन्य सरकारी कर्मचारियों (जिन्हें 30 PL मिलती हैं) के मुकाबले केवल 15 उपार्जित अवकाश (Privilege Leave) दिए जाते हैं। अगर छुट्टियां काटी गईं, तो यह उनके अधिकारों का हनन होगा।"
अगला कदम: निदेशालय माध्यमिक ने इस संबंध में सभी शिक्षक संघों की बैठक बुलाई है ताकि बीच का रास्ता निकाला जा सके। यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर मुहर लगाती है, तो भीषण गर्मी के बीच बच्चों और शिक्षकों को राहत के कुछ दिन कम मिलेंगे। अब देखना यह है कि शिक्षक संगठनों के दबाव के बाद विभाग अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करता है या नहीं।