बीकानेर

फूलों की दीवानगी खींच लाई नीदरलैंड के बास को बीकानेर, देखिये वीडियो

फूलों की सुन्दरता का जादू नीदरलैंड निवासी बास के सिर चढ़कर बोलता है।

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junagarh fort

बीकानेर. फूलों की सुन्दरता का जादू नीदरलैंड निवासी बास के सिर चढ़कर बोलता है। वे इसे अपने कैमरे मंे कैद कर विशेष तकनीक से चित्र तैयार करते हैं। बीकानेर में फूलों पर आधारित चित्रकारी विश्व प्रसिद्ध है। नीदरलैंड के बास को जूनागढ़ का फूलमहल विशेष रास आया है। बास अपनी फोटोग्राफी से एक फूल से पूरा चित्र बना देते है।

बास ने बताया कि उन्होंने करीब आठ साल पहले इसकी शुरूआत की थी। इसके बाद नीदरलैंड में ही काम शुरू किया। नीदरलैंड में इसका प्रचलन बढ़ता गया। बास अपनी कई प्रदर्शनियां लगा चुके हैं। उन्होंने बताया कि आजकल लोग फूलों का महत्व नहीं समझते है इसलिए फूलों को फेंक देते है। ये जीवन में खूबसूरती तथा उत्साह भरते हंै। जगह-जगह जंगलों को काटा जा रहा है एेसे में हमें फूल को उगाने चाहिए।

पूर्व व पश्चिम का मेल
बास अपने भाई के साथ मुंबई में ३१ मई तक चलने वाली प्रदर्शनी में भाग लेने पहुंचे हंै। इसके चलते वे राजस्थानी चित्रकारी को देखने के लिए उदयपुरजोधपुर आए हुए थे। लेकिन बास को बीकानेर के गाइड मो. जावेद से फूलों पर आधारित मुगलकालीन चित्रकारी की जानकारी मिली तो वे सीधे बीकानेर के जूनागढ़ के फूल महल जा पहुंचे।

बीकानेर पहुंचने पर बास ने अपने भाई के साथ जूनागढ़ की भव्यता व मुगलकाल की चित्रकारियों को बारीकियां से अपने कैमरे में कैद किया। बास ने कहा कि बीकानेर के जूनागढ़ के फूलमहल की चित्रकारी बेमिसाल है एेसी कहीं नहीं देखी। बास अपनी चित्रकारी में वेस्टर्न व ईस्टर्न की सभ्यता व कला को मिक्स करके चित्रकारी बनाते है।

भारत से नीदरलैंड जाते थे फूल
बास ने बताया कि पहले नीदरलैंड में फूल एशिया व भारत से जाते थे। यहां के फूल पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। अब तो नीदरलैंड से फूल बाहर भेजे जा रहे हैं।भारत में चित्रकारी के लिए बैकग्राउण्ड में ब्लेक चित्रकारी का प्रचलन ज्यादा है। इसके लिए यहां के लोग ब्लेक कलर को ज्यादा पसंद करते है। जबकि नीदरलैंड में तो ब्लेक कलर से ज्यादा सफेद व रेड कलर का ज्यादा उपयोग होता है।

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Published on:
16 May 2018 02:50 pm
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