मोबाइल पर आई एक क्लिप में हास्य कलाकार ने जो प्रस्तुति दी, वह फिल्मों से ओत-प्रोत थी। इसमें आए एक डायलॉग ने शोले फिल्म के डायलॉग की तरफ ध्यान दिलाया। तब यातायात प्रभारी निर्वाण से इस पर विचार-विमर्श कर होर्डिंग्स व बैनर प्रकाशित कराने का निर्णय लिया।
अरे ओ सांभा कितने आदमी थे ..., सरदार पांच आदमी थे ... यह डायलॉग शोले फिल्म का आज भी लोगों की जुबां पर है। ऐसे ही कुछ डायलॉग को प्रदर्शित कर यातायात पुलिस वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की कोशिश कर रही है। शहर में यातायात पुलिस की ओर से बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर लोगों को हेलमेट पहनने और सीट बैल्ट लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से यातायात पुलिस ने होर्डिंग्स पर कुछ इस तरह के ध्यान आकर्पित करने वाले स्लोगन लिखवाए हैं। यातायात पुलिस ने अरे ओ सांभा कितना जुर्माना रखा है बिना हेलमेट में वाहन चलाने पर, जी सरकार एक हजार रुपए ..., हेलमेट नहीं पहनने पर ट्रेफिक पुलिस से बहस कर सकते हैं यमराज से नहीं ..., मैं भाग्यशाली हूं मुझे दोबारा सिर मिल गया लेकिन आपको नहीं मिलेगा इसलिए हेलमेट जरूर पहनने ... सरीखे डायलॉग लिखवाए गए हैं।
यह स्लोगन कर रहे आकर्षित
- इधर तू चिपका, उधर मैं लपका ...
- मत करो इतनी मस्ती जिंदगी नहीं है सस्ती
- दो पल जिंदगी के ... थोड़ा ठहरें ... कहें पहले आप
- ज्यादा माल-जी का जंजाल
शहर में यह किए बदलाव
8 जगह नो एंट्री बोर्ड : भीनासर, हल्दीराम प्याऊ, गंगानगर रोड बाइपास, पूगल फांटा, करमीसर फांटा, गली नंबर पांच चौधरी कॉलोनी, शहर में पीबीएम तथा जैसलमेर रोड के पास लगवाए गए हैं।
275 होर्डिंग्स
4 टोल नाकों पर यातायात कक्ष बनाया गया, जिसमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को यातायात संबंधी शॉर्ट फिल्म दिखाई जाती है
कुछ इस तरह से आया आइडिया
यातायात प्रभारी पुलिस निरीक्षक नरेश निर्वाण एवं उप निरीक्षक अनिल चिढ्ढ़ा ने कार्टून व कुछ ऐसे शब्दों का चयन किया जो किसी न किसी तरह से लोगों को आकर्षित करते हैं। उप निरीक्षक चिढ्ढा ने बताया कि मोबाइल पर आई एक क्लिप में हास्य कलाकार ने जो प्रस्तुति दी, वह फिल्मों से ओत-प्रोत थी। इसमें आए एक डायलॉग ने शोले फिल्म के डायलॉग की तरफ ध्यान दिलाया। तब यातायात प्रभारी निर्वाण से इस पर विचार-विमर्श कर होर्डिंग्स व बैनर प्रकाशित कराने का निर्णय लिया।
रेस्पाेंस मिल रहा
आमजन यातायात नियमों का पालन करें इसलिए उन्हें आकर्षित करने वाले डायलॉग जेहन में आए। इस संबंध में साथी पुलिस अधिकारी से चर्चा कर होर्डिंग्स व बैनर बनवाए और शहर में लगवाए गए, जिसका अच्छा रेस्पोंस मिल रहा है। यह होर्डिंग्स यातायात नियमों के प्रति सचेत करने के साथ-साथ लोगों के जेहन में बैठ रहे हैं।
नरेश निर्वाण, यातायात प्रभारी