बीकानेर

तेज सर्दी हो तो सिर से नहाने की ना करें शुरुआत, यह है खतरा…

शरीर अपना तापमान सामान्य रखने के लिए अधिक खाना खाता है। इसी खाने को पचाने के लिए काम करना पड़ता है, ताकि शरीर को एनर्जी और गर्मी मिलती रहे।
3 min read
Dec 26, 2022
तेज सर्दी हो तो सिर से नहाने की ना करें शुरुआत, यह है खतरा...
तेज सर्दी हो तो सिर से नहाने की ना करें शुरुआत, यह है खतरा...

बीकानेर. जिले में सर्दी अब पूरे परवान पर है। ऐसे में इससे होने वाली बीमारियों ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि इस समय पीबीएम अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में सर्दी से प्रभावित होने वाले रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी के मौसम में अधिक समय तक बिस्तर में पड़े रहने तथा अन्य बीमारियों से घिरे होने के कारण ब्रेन स्ट्रोक जैसा आकस्मिक खतरा बढ़ गया है। न्यूरोलॉजी विभाग के आउटडोर में एक सप्ताह में ही लगभग दो सौ मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसमें से करीब 50 मरीज ब्रेन स्ट्रोक से पीडि़त आ रहे हैं।अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में अगर मरीजों के पंजीकरण पर नजर डालें, तो अक्टूबर के एक सप्ताह में सात सौ मरीजों का पंजीकरण होता था। इसमें से दस मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत रहती थी, लेकिन नवंबर में हल्की सर्दी की दस्तक के साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। आउटडोर में प्रति सप्ताह मरीजों की संख्या नौ सौ तक पहुंच गई। दिसंबर में यह संख्या लगभग एक हजार मरीजों को पार करने लगी है। अगर सर्दी ने अपने तेवर और तीखे कर दिए, तो इस संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

सप्ताह में औसतन 50 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के

अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग तथा मेडिसिन विभाग में आने वाले मरीजों की संख्या पर गौर करें, तो एक सप्ताह में औसतन 50 मरीज ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत लेकर आते हैं। इसमें से करीब दर्जन भर मरीजों को भर्ती करने की नौबत आ जाती है। उन्हें करीब एक सप्ताह तक भर्ती रखने के बाद कई सावधानियां अपनाने की सलाह देकर छुट्टी दी जाती है। इन दिनों अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या में यूं तो सभी उम्र के बच्चे-बुजुर्ग तक शामिल हैं, लेकिन अधिकांशत: मरीज की उम्र के पार के ही दिखाई दे रहे हैं।

यह है ब्रेन स्ट्रोक के कारण

सर्दी में ज्यादा देर तक बिस्तर में रहते हैं। शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और शरीर में ब्लड प्रेशर हाई होने लगता है।तापमान में गिरावट के कारण शरीर को सामान्य तापमान पर रखना मुश्किल हो जाता है। इसलिए शरीर अपना तापमान सामान्य रखने के लिए अधिक खाना खाता है। इसी खाने को पचाने के लिए काम करना पड़ता है, ताकि शरीर को एनर्जी और गर्मी मिलती रहे। सर्दी की वजह से हम ऐसा करने में आलस करते हैं, तो ब्रेन् स्ट्रोक का रिस्क बढ़ जाता है। ठंड के मौसम में मीठा, घी और तेल ज्यादा खाते हैं। लेकिन शारीरिक गतिविधि कम करते हैं। इसके अलावा डायबिटीज, मोटापा और ब्लड प्रेशर के मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है। कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो ठंड के मौसम में शरीर को गर्मी देने के लिए ड्रिंक और स्मोक करते हैं। ये सभी कारण स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाते ही हैं।

सर्दियों में जोखिम ज्यादा

बाथरूम में नहाते समय स्ट्रोक के मामले सर्दियों में सामने आते हैं। इसे बाथरूम स्ट्रोक कहा जाता है। सर्दियों में नहाते समय अगर सीधे सिर पर पानी डाला जाए, तो सर्दी के असर को मस्तिष्क की बारीक नलिकाएं कई बार बर्दाश्त नहीं कर पाती हैं और सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा बना रहता है। इसलिए चिकित्सक सलाह देते हैं कि नहाते समय ध्यान रखें।

नहाने की शुरुआत पैरों से करे

ब्रेन स्ट्रोक की समस्या से बचने के लिए सर्दियों में नहाते समय गुनगुने पानी का प्रयोग करना चाहिए। सीधे सिर पर पानी डालने के बजाय नहाने की शुरुआत पैरों से करें। इसके बाद घुटने, जांघ, पेट, की सफाई करते हुए शरीर पर पानी डालें। सबसे आखिरी में सिर पर पानी डालना चाहिए। साथ ही उच्च रक्तचाप वाले मरीज नमक सीमित मात्रा में लें और नियमित रूप से अपनी दवा लें। - डॉ. जगदीशचन्द्र कूंकणा, विभागाध्याक्ष, न्यूरोलॉजी विभाग पीबीएम अस्पताल

Updated on:
26 Dec 2022 01:56 am
Published on:
26 Dec 2022 01:56 am