बीकानेर

खेजड़ी महापड़ाव: सरकार का पक्ष रखने के लिए संतों का इंतजार, अमावस्या मेले में होगा बड़ा फैसला

बीकानेर पब्लिक पार्क स्थित खेजड़ी बचाओ महापड़ाव स्थल पर खासा उत्साह देखने को मिला। प्रदेश के कई जिलों से पर्यावरण प्रेमी पहुंचे। गांवों से बच्चे अपने परिजनों के साथ धरना स्थल पर आए। महिलाएं कलश यात्रा निकालेगी और संत समाज आगे के आंदोलन की घोषणा करेंगे।
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बीकानेर. जिला कलक्ट्रेट के सामने पर्यावरण प्रेमियों का खेजड़ी बचाओ महापड़ाव सोमवार को जारी रहा। आठवें दिन आंदोलन स्थल पर सुबह से गहमागहमी अन्य दिनों से ज्यादा देखने को मिली है। रविवार को जयपुर में मुख्यमंत्री से मिले संतों के प्रतिनि​धि मंडल की ओर से मंच पर आकर सरकार का पक्ष रखा जाना है। इसका बेसब्री से इंतजार हो रहा है। आंदोलनकारी और डेढ़ सौ से अ​धिक अनशनकारी संतों के आदेश का इंतजार कर रहे है। दोपहर डेढ़ बजे तक संत पड़ाव स्थल पर पहुंचे नहीं।

दूसरी तरफ महिलाएं कलश यात्रा निकालने की तैयारियों में जुटी हुई है। उधर, मुकाम में सात दिन बाद अमावस्या मेला आयोजित होना है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यदि सरकार के आश्वासन से आंदोलनकारी संतुष्ट नहीं हुए तो मुकाम मेले में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

जयपुर में देर रात तक चली सीएम से वार्ता

आंदोलन के सातवें दिन संत समाज के 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को जयपुर बुलाया गया। मुकाम पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद महाराज, महंत भगवानदास जाम्भा, स्वामी भागीरथदास शास्त्री, स्वामी सच्चिदानंद आचार्य, संत राजेन्द्रानंद, स्वामी बलदेवानंद शास्त्री, स्वामी रामचार्य, महंत शिवदास, स्वामी कृपाचार्य, स्वामी प्रेमदास और महंत मनोहरदास शास्त्री जयपुर पहुंचे। देर रात तक संत समाज और मुख्यमंत्री के बीच वार्ता हुई। इससे आंदोलनकारियों और सरकार के बीच चल रहे गतिरोध के टूटने की उम्मीद जगी है।

खेजड़ी कटाई नहीं रुकी, आक्रोश बरकरार

राज्य मंत्री केके बिश्नोई की ओर से महापड़ाव स्थल पर आकर खेजड़ी की कटाई नहीं होने देने के आश्वासन के बावजूद कटाई की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसी कारण महापड़ाव जारी है और सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अब स्वयं मुख्यमंत्री इस मामले में संवाद के जरिए समाधान तलाशने का प्रयास कर रहे हैं।

बच्चों-महिलाओं की भागीदारी से बढ़ी रौनक

पब्लिक पार्क स्थित महापड़ाव स्थल पर खासा उत्साह देखने को मिला। प्रदेश के कई जिलों से पर्यावरण प्रेमी पहुंचे। गांवों से बच्चे अपने परिजनों के साथ धरना स्थल पर आए। जांभा के महंत स्वामी आनंद प्रकाश, स्वामी सेवादास, कथावाचिका डॉ. मधु बिश्नोई, स्वामी सोहनदास, स्वामी पवनपुरी सहित अन्य संतों ने भजन-कीर्तन और प्रवचन किए।

‘जागो रे संकट में उभी माता खेजड़ी’

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से आए पर्यावरणविदों ने अपने विचार रखे। महिलाओं ने भजनों की प्रस्तुति दी।कवि रामरतन बिश्नोई की पंक्तियांं“जागो जागो बिश्नोई भायां, संकट में उभी माता खेजड़ी” ने आंदोलन में नई ऊर्जा भर दी। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि 151 लोगों को क्रमिक अनशन पर बैठाया गया, जो 24 घंटे भूख हड़ताल पर रहेंगे।

आज निकलेगी विशाल कलश यात्रा

सोमवार दोपहर बीकानेर शहर के मुख्य मार्गों से विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा महापड़ाव स्थल से केईएम रोड होते हुए कोटगेट तक जाएगी। इसमें सभी वर्गों की महिलाएं कलश लेकर शामिल होंगी और खेजड़ी संरक्षण व कठोर कानून बनाने की मांग का संदेश दिया जाएगा। महापड़ाव समिति के संयोजक परसराम बिश्नोई ने बताया कि जोधपुर और बीकानेर संभाग में सैकड़ों खेजड़ी काटे जाने की सूचनाएं मिली हैं, जिन्हें प्रशासन को अवगत कराया गया है। इससे पर्यावरण प्रेमियों में रोष लगातार बढ़ रहा है।

Updated on:
09 Feb 2026 02:00 pm
Published on:
09 Feb 2026 02:00 pm