
बीकानेर. अनाज मण्डी में अब उसी जिंस की बोली लगेगी, जो साफ-सुधरे होंगे। मूंगफली की आवक शुरू होने के साथ ही कच्ची आढ़त व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को यह महत्वपूर्ण निर्णय किया। इसके साथ कई अहम फैसलों पर भी सहमति बनी। इसमें भुगतान में छूट को ३५ पैसे से बढ़ाकर ४० पैसा प्रति सैकड़ा तय किया गया। बिना छूट व बिना ब्याज के भुगतान को लेकर वार टू वार यानी आठवें दिन खरीदार को खरीदे माल का भुगतान करना जरूरी होगा।
मूंगफली दाना मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष बालेश चौधरी ने खरीदारों की ओर से पुरजोर मांग की थी कि माल की सफाई व सिलाई सही ढंग से हो, ताकि खरीदारों को परेशानी नहीं हो। उन्होंने बताया कि खरीदारों की ओर से माल की उचित कीमत देने के बावजूद उन्हें गुणवत्तापूर्ण माल नहीं मिल रहा है। एेसे में उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कच्ची आढ़त व्यापार संघ के अध्यक्ष जगदीश पेड़ीवाल व संरक्षक मोती लाल सेठिया ने बताया कि ढेरी करवाने वाले विक्रेता की जिम्मेदारी होगी कि वह अपनी ढेरी को साफ करवाए और उसके बाद ही उसकी बोली लगाए। जिस माल में पंखा लगना चाहिए, उसमें पंखा आवश्यक रूप से लगाना होगा। बिना झार के कोई भी ढेरी नीलामी योग्य नहीं मानी जाएगी। सिलाई के लिए भी दिशा-निर्देश तय किए गए, जिसमें पांच टांके लगाने आवश्यक होगा।
काश्तकारों के लिए सुझाव
सेठिया व पेड़ीवाल ने बताया कि कच्ची आढ़त व्यापार संघ के पदाधिकारी काश्तकारों से भी यह अपेक्षा रखते हैं कि वे अपनी जिंसों को बोरी अथवा कट्टों में डालकर लाएं, ताकि उन्हें उपज की अच्छी कीमत मिल सके। मूंगफली में डंठल, पत्थर-कंकर, मिट्टी आदि होने पर उस ढेरी की बोली नहीं करवाई जाएगी। मण्डी में महिला श्रमिकों द्वारा मूंगफली की सफाई करवाने के कार्य को फिलहाल बंद कर दिया गया है।