पीबीएम अस्पताल में मरीजों का भार बढ़ रहा है। व्यवस्थाएं नाकाफी है। इसमें भी मनमर्जी की व्यवस्थाएं यहां आने वाले मरीजों का मर्ज कम करने के बजाय और बढ़ा रही है। मरीजों का दर्द कोई समझने वाला नहीं है।
बीकानेर. पीबीएम अस्पताल में मरीजों का भार बढ़ रहा है। व्यवस्थाएं नाकाफी है। इसमें भी मनमर्जी की व्यवस्थाएं यहां आने वाले मरीजों का मर्ज कम करने के बजाय और बढ़ा रही है। मरीजों का दर्द कोई समझने वाला नहीं है। मरीज इलाज, दवा के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कैंसर अस्पताल में एक्स-रे मशीन, ट्रोमा सेंटर में सोनोग्राफी मशीन बंद पड़ी हैं, वहीं थायराइड, पीएसए, विटामिन-डी की जांचें लंबे समय से नहीं हो रही।
उच्चाधिकारियों के आदेश हवा
दवा वितरण केन्द्रों पर मरीजों के साथ दुव्र्यवहार की शिकायतों के चलते एसपी मेडिकल कॉलेज में विगत दिनों बुलाई मीटिंग में एमएनडीवाई का नोडल ऑफिसर संबंधित दवा वितरण केन्द्र से हटाकर दूसरी जगह लगाने के मौखिक आदेश दिए गए। आदेशों के बावजूद एक महीने तक उन्हें वहां से हटाया नहीं गया है। इतना ही नहीं दवा केन्द्रों पर दवाइयां भी पर्याप्त नहीं मिल रही है।
एक माह से बंद है
२४ घंटे सेवा
जनाना अस्पताल में प्रसूताओं, महिला मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए जनाना अस्पताल की दो नंबर डीडीसी २४ घंटे तक चालू रहती थी, लेकिन यह एक महीने से एमएनडीवाई के प्रभारियों व मॉनीटरिंग करने वालों ने डीडीसी को २४ घंटे खुली नहीं रख दोपहर बाद बंद कर दिया। बंद करने की वजह फार्मासिस्ट के अवकाश पर होना बताया जा रहा है। ऐसे में रात में भर्ती महिला मरीज, प्रसूताओं को दवा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वार्डों में ग्लूकोज पहुंच नहीं रहा। मरीजों को बाजार से खरीद कर लाना पड़ रहा है, जबकि स्टोर व सब-स्टोर में ग्लूकोज पर्याप्त मात्रा में है।
२४ घंटे वाली डीडीसी आठ में से चार बंद
कैंसर अस्पताल, ट्रोमा, हार्ट, आपातकालीन, चार नंबर, जनाना अस्पताल, शिशु अस्पताल, ईएनटी में २४ घंटे दवा वितरण केन्द्र खुले रहते थे, लेकिन वर्तमान में मर्दाना इमरजेंसी पांच नंबर, जनाना इमरजेंसी दो नंबर, कैंसर अस्पताल व ईएनटी अस्पताल की डीडीसी बंद कर दी है, जो सुबह ९ से दोपहर ३ बजे तक ही खुली रहती है।
दवाइयां पर्याप्त है, लेकिन उचित मॉनिटरिंग के अभाव में दिक्कत आ रही है। जनाना, कैंसर अस्पताल की डीसीसी २४ घंटे चालू करने, शिकायत वाले फार्मासिस्ट हटाकर दूसरी जगह लगाने की हिदायत दी है। मॉनिटरिंग व्यवस्था सुदृढ़ कर रहे हैं। लापरवाही बरतने, आदेश नहीं मानने वाले के कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरपी अग्रवाल, प्राचार्य एसपी मेडिकल कॉलेज
दवा वितरण केंद्रों
की स्थिति
३७ कुल
२२ चालू
१५ बंद
५० फार्मासिस्ट