बीकानेर साइबर थाना 64% शिकायतें निपटाकर राजस्थान में पहले स्थान पर रहा, 4061 मामलों में कार्रवाई कर 1.29 करोड़ रुपए पीड़ितों को रिफंड दिलाया।
जयपुर: बीकानेर में साइबर अपराधों पर तेज कार्रवाई और अपराधों पर नियंत्रण की वजह से बीकानेर ने एक बार फिर राजस्थान में अपनी कुशलता दिखाई है। साइबर शिकायतों को निपटाने में बीकानेर जिला पूरे प्रदेश में पहले नंबर पर रहा है। इससे लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है और पुलिस की तकनीकी क्षमता भी सबके सामने आई है।
प्रदेश मुख्यालय की ओर से जारी की गई रैंकिंग के अनुसार, बीकानेर ने 64 प्रतिशत शिकायतें निपटाकर राज्य में पहला स्थान हासिल किया। वहीं झुंझुनूं 63 प्रतिशत के साथ दूसरे और जैसलमेर 29 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इसके बाद किसी भी जिले ने 29 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतें नहीं निपटाईं।
राजस्थान में कुल 36 साइबर पुलिस थाने हैं। इनमें बीकानेर साइबर थाना शिकायतें निपटाने और पीड़ितों को राहत देने में सबसे आगे रहा। साल 2025 में बीकानेर साइबर थाने में 4061 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 32 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई। तकनीक और तेज समन्वय से करीब 64 प्रतिशत शिकायतों का सफल निपटारा किया गया।
प्रदेश में 17 करोड़ 60 लाख 25 हजार 192 रुपए की साइबर ठगी हुई। इसमें से 4 करोड़ 98 लाख 5 हजार 297 रुपए की राशि होल्ड करवाई गई। करीब 1 करोड़ 29 लाख 76 हजार 853 रुपए पीड़ितों को वापस दिलवाए गए। समय पर बैंक खातों को होल्ड करने और बैंकिंग नेटवर्क से अच्छे समन्वय की वजह से बड़ी राशि अपराधियों के हाथ नहीं लगी।
साइबर थाना निरीक्षक रमेश सर्वटा के अनुसार, बीकानेर ने अन्य साइबर थानों की तुलना में बेहतर और परिणाम देने वाला काम किया है। ऑनलाइन ट्रैकिंग, बैंक समन्वय, तेजी से खाते फ्रीज करना और शिकायत करने वाले से लगातार संपर्क जैसे कदमों से बीकानेर साइबर अपराध नियंत्रण में आगे बना।
साइबर ठगी जैसे मामलों में तेज कार्रवाई और पैसे वापस दिलवाने से लोगों का पुलिस पर विश्वास मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के अनुसार, बीकानेर की यह सफलता आगे अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनेगी और नए साल में साइबर अपराधों के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे।