पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी की बीकाणा और शेखावाटी की चुनाव यात्राराजस्थान में अपनी चुनावी यात्रा के दौरान पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी ने बीकाणा और शेखावाटी में मतदाताओं का मानस टटोला। युवाओं ने पुरजोर आवाज में कहा कि बेरोजगारी बड़ा चुनावी मुद्दा है।
पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी की बीकाणा और शेखावाटी की चुनाव यात्रा
राजस्थान में अपनी चुनावी यात्रा के दौरान पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी ने बीकाणा और शेखावाटी में मतदाताओं का मानस टटोला। युवाओं ने पुरजोर आवाज में कहा कि बेरोजगारी बड़ा चुनावी मुद्दा है।
चुनावी यात्रा में कोठारी जैसलमेर के बाद पोकरण, रामदेवरा से होते हुए बीकानेर जिले की कोलायत, श्रीडूंगरगढ़ व शेखावाटी में सरदारशहर, तारानगर, चूरू विधानसभा समेत के विभिन्न स्थानों पर लोगों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने शहरी व ग्रामीणों क्षेत्रों के जनमानस को टटोलने की कोशिश की। उनसे बातचीत में बेरोजगारी का मुद्दा मुख्य तौर पर उभरकर सामने आया। इन क्षेत्रों में युवाओं का जोश जिस कदर देखने को मिला, उससे लगता है कि इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ेगा। लोगों ने इस बार योग्य प्रत्याशियों को ही सत्ता में लाने का मानस बनाया है।
विकासवादी सोच का योग्य प्रत्याशी चुनेंगे
कोलायत क्षेत्र में वरिष्ठ लोगों व प्रबुद्धजन ने संवाद में कहा कि लोकतंत्र में योग्य व विकास की सोच रखने वाले प्रत्याशी का
ही निर्वाचन होना चाहिए। विकास को लेकर युवा सीधा संवाद चाहता है। कोठारी ने जब मतदाताओं से पूछा कि पिछले चुनाव व इस चुनाव में क्या परिवर्तन आया है? इस पर लोगों ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर मतदाता विकास चाहते हैं। इसके लिए संभावित सरकार के मद्देनजर वोट देना चाहते हैं।जब जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की तो उन्होंने भी माना कि सामाजिक व्यवस्था के खत्म होने से भाईचारा एवं आपसी सौहार्द में विकृति पैदा हुई है। कोठारी ने इस दौरान भाजपा- कांग्रेस के प्रत्याशियों, वरिष्ठ नेताओं से भी वहां की स्थिति के बारे में जानकारी ली। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर कोठारी का लोगों ने स्वागत किया।
युवा मतदाता करेंगे उलटफेर
सरदारशहर, तारानगर, चूरू में लोगों से बातचीत में स्पष्ट तौर पर बेरोजगारी बड़ा मुद्दा उभर कर सामने आया। हालांकि चुनाव में सरकार का विरोध जरूर नजर आया है, लेकिन मतदाता खामोश है। युवा हो या व्यापारी सरकार से खुश नहीं है।
संवाद में प्रबुद्धजनों ने कहा कि वर्तमान में 60 प्रतिशत से अधिक युवा मतदाता है। उनमें उपजे आक्रोश का नुकसान सरकार को हो सकता है।
नहीं मिल रहा फसल का पूरा पैसा
श्रीडूंगरगढ़ में बातचीत में ये सामने आया कि क्षेत्र का किसान अपनी समस्याओं को लेकर परेशान है और वाजिब मांग के लिए हमेशा संघर्ष करता रहा है। इस बार क्षेत्र का किसान व युवा पीढ़ी किसी सेवाभावी एवं जागरूक प्रत्याशी को अपना मत देने पर विचार कर रही है। इस डिजिटल युग में जनता शिक्षित और जुझारू व्यक्ति को अपने प्रतिनिधि के रूप में देखना चाहती है। क्षेत्र की मुख्य समस्या बिजली की है। यदि किसानों की उन्नति होगी तो शहर का विकास भी हो सकेगा। किसानों ने बताया कि फसल की पूरी खरीद नहीं हो रही है। सरकार लगातार किसानों की अनदेखी कर रही है। कोठारी ने यहां भी प्रत्याशियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं गैर राजनीतिक लोगों से क्षेत्र के मुद्दों पर बातचीत की।