बीकानेर

राजस्थान के ग्रामीण बच्चों और बालिकाओं ने किया कमाल, परिणामों में राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा

कक्षा तीन के भाषायी ज्ञान में राजस्थान का औसत 70 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय औसत यानी 64 प्रतिशत से बेहतर रहा।
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Photo- Patrika

शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी ‘परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024’ के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान ने राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। यह सर्वे कक्षा 3, 6 और 9 के विद्यार्थियों के हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों में पठन-पाठन क्षमता और समझ को परखने के लिए किया गया था। कक्षा तीन के भाषायी ज्ञान में राजस्थान का औसत 70 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय औसत यानी 64 प्रतिशत से बेहतर रहा।

इसी तरह गणित में राजस्थान का औसत 66 प्रतिशत, जबकि राष्ट्रीय औसत 60 प्रतिशत रहा। सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने शहरी क्षेत्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। विशेष रूप से बालिकाओं ने हर कक्षा और विषय में बालकों से बेहतर अंक हासिल किए, जो प्रदेश की शिक्षा में लैंगिक समानता और सुधार की दिशा में सकारात्मक संकेत है।

नवाचारों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से हाल के वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारों जैसे स्मार्ट क्लास, साप्ताहिक मूल्यांकन, शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण और सामुदायिक भागीदारी ने छात्रों की शिक्षा में गुणवत्ता और रुचि दोनों को बेहतर बनाया है। इन प्रयासों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर भी स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है।

Updated on:
13 Jul 2025 08:16 am
Published on:
13 Jul 2025 08:16 am