
बीकानेर. बीकानेर अंचल में शनिवार को सुबह से देर शाम तक धूल का गुबार छाया रहा। अलसुबह ही तेज धूलभरी हवा चलने का सिलसिला शुरू हो गया। करीब १५ किलोमीटर प्रति घंटे से चली हवा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी धूल का गुबार छाया रहेगा, लेकिन सोमवार तक बूंदाबांदी होने के बाद गुबार से शहरवासियों का राहत मिल सकती है। विभाग ने बताया कि अभी मानसून रुका हुआ है और आगे नहीं बढ़ रहा है।
शहर में तेज आंधी के चलते शहरवासी घरों से बाहर निकलने में परहेज करते रहे। आसमान में छाई गर्द ने हर घर-आंगन व सड़क पर रेत की परत जमा दी। तेज हवा ने वाहन चालकों की रफ्तार थाम दी और दिन में ही चालकों को वाहनों की लाइट जलानी पड़ी। देरशाम को शहरवासियों को गुबार से कुछ राहत मिली। शहर में अधिकतम तापमान ३८.६ डिग्री व न्यूनतम तापमान २८.४ डिग्री सेल्सियस रहा।
आंधी से सड़क व पटरियों पर आई रेत
नाल. क्षेत्र में पिछले कई दिनों से चल रही आंधी से रेल की पटरियों व नेशनल हाइवे पर भी रेत जमा होने लगी है। नाल से गजनेर जाने वाली रेल लाइन पर कई जगह पटरियों पर रेत जमा हो चुकी। हालांकि रेलवे प्रशासन लगातार इसका ध्यान रख रहा है। वहीं नाल रेल फाटक से बीकानेर की तरफ नेशनल हाइवे पर रेत जमा हो गई है। इस जगह सड़क की गोलाई होने के कारण दुपहिया वाहन चालकों के फिसलकर गिरने का खतरा बना है। रेत पसरी होने से आवागमन भी बाधित हो रहा है।
पांचवें दिन भी ठप रही हवाई सेवा
नाल. नाल सिविल एयर पोर्ट पर शनिवार को लगातार पांचवे दिन भी बीकानेर से दिल्ली और जयपुर की बीच फ्लाइट रद्द रही। अलायन्स एयर इंडिया के हवाई जहाज को खराब मौसम के चलते उड़ान कैंसिल करनी पड़ी। हालांकि शनिवार को आंधी कुछ कम होने से अगले एक-दो दिन में विमान के उड़ान भरने के लिए मौसम उपयुक्त होने की उम्मीद है।
सिविल एयर पोर्ट के निदेशक राधेस्याम मीणा ने बताया कि तेज आंधी के कारण विजिबलिटी बहुत कम रह रही है। एेसे में लगातार पांचवें दिन भी बीकानेर से दिल्ली व बीकानेर से जयपुर हवाई सेवा ठप रही है। गर्मियों की छुट्टियों के चलते हवाई सेवा पर यात्रीभार अच्छा मिल रहा था। फ्लाइट कैंसिल होने से लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
एयर पोर्ट टर्मिनल मैनेजर नरेंद्र चोधरी, सुरक्षा अधिकारी हिमांशु शर्मा, विजयपाल रोझ सहित अन्य अधिकारी सुरछा व्यवस्था के साथ यात्रियों का हर संभव सहयोग कर रहे है। एयरपोर्ट भवन के अंदर भी आंधी से रेत जमा हो गई है। जिसे साफ कर हटाया जा रहा है। मौसम ठीक होते ही नियमित हवाई सेवा शुरू हो जाएगी।