
Chhattisgarh Politics: असम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले पर हुए पथराव की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बिलासपुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि काफिले पर हमला किसने किया और इसके पीछे किसका हाथ था, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा की सरकार है और वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।अरुण साव ने कहा कि किसी घटना को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय जांच का इंतजार किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक जांच के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से घटना को लेकर लगाए गए आरोपों पर अरुण साव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब सरकार में काम करने का अवसर था, तब कांग्रेस की सरकार ने अपने कार्यकाल में अपेक्षित काम नहीं किया। अब अलग-अलग मुद्दों को लेकर मीडिया में बयान दिए जा रहे हैं। साव ने बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक तौर पर सक्रिय रहने और सुर्खियों में बने रहने के लिए तरह-तरह की चुनौतियां दी जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि असम की घटना से जुड़े आरोपों का वास्तविक तथ्य जांच के बाद ही सामने आएगा।
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में योजना से जुड़े आंकड़ों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी और कई सवालों के जवाब नहीं दिए गए। साव ने कहा कि मौजूदा सरकार केंद्र की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कांग्रेस नेताओं की ओर से दिए जा रहे ओपन चैलेंज को लेकर भी अरुण साव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक बहस में भाषा और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की ओर से जिस तरह की बयानबाजी की जा रही है, उससे राजनीतिक मर्यादा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने से किसी मामले की सच्चाई तय नहीं होती, बल्कि तथ्यों और जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट होती है।
अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस की ओर से भ्रम फैलाने की राजनीति अब नहीं चलेगी। उन्होंने सरकार के कामकाज और केंद्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के बीच योजनाओं के प्रभाव को देखा जा सकता है। असम की घटना को लेकर उन्होंने एक बार फिर जांच का हवाला देते हुए कहा कि पथराव किसने किया और इसके पीछे कौन था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है।