
Flight Cancelled: बिलासा देवी केवट चकरभाठा एयरपोर्ट पर शुक्रवार को दिल्ली से आई फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान विमान का टायर फटने के बाद तीसरे दिन भी हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। इस हादसे के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और रनवे की स्थिति को लेकर यात्रियों में भारी डर और चिंता का माहौल है। स्थिति यह है कि यात्री अब चकरभाठा एयरपोर्ट से उड़ान भरने में असहज महसूस कर रहे हैं और बिलासपुर के बजाय रायपुर एयरपोर्ट जाकर फ्लाइट पकड़ रहे हैं।
शुक्रवार को दिल्ली से बिलासपुर पहुंची एलायंस एयर की फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान रनवे पर ही प्लेन का एक टायर अचानक फट गया था। इस वजह से विमान रनवे पर ही फंस गया, जिससे पूरा संचालन ठप हो गया। अन्य उड़ानों को रोकना पड़ा, जिससे शनिवार को कोलकाता जाने वाली फ्लाइट भी बुरी तरह प्रभावित हुई। हादसे के बाद विमान को हटाकर रनवे साफ करने और तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
हादसे के बाद रनवे पर लगभग 100 मीटर तक विमान के टायर घिसटने के गहरे निशान देखे गए हैं। इससे रनवे की गुणवत्ता और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, एयरपोर्ट प्रबंधन का दावा है कि रनवे पूरी तरह निर्धारित मानकों के अनुरूप है और इसमें कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं है। प्रबंधन के अनुसार आवश्यक प्रक्रियाएं और सुरक्षा जांच की जा रही हैं।
मामले की गहराई से पड़ताल के लिए एलायंस एयर की 9 सदस्यीय तकनीकी टीम शनिवार को बिलासपुर पहुंची। टीम ने प्लेन और रनवे का बारीकी से निरीक्षण शुरू कर दिया है, ताकि टायर फटने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। वहीं, रविवार को नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम भी बिलासपुर पहुंचकर जांच करेगी। डीजीसीए की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असल वजह साफ होगी और यह तय हो पाएगा कि चकरभाठा का रनवे उड़ानों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं।
लगातार तीन दिनों से फ्लाइट्स रद्द और प्रभावित होने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिन्हें आपात स्थिति में दिल्ली या कोलकाता की यात्रा करनी थी, वे अब मजबूरी में रायपुर एयरपोर्ट का रुख कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती और सुरक्षा को लेकर स्थिति साफ नहीं की जाती, तब तक चकरभाठा से सफर करना जोखिम भरा महसूस हो रहा है।