बिलासपुर

Bilaspur High Court: बैंक की बंधक संपत्ति पर बड़ा विवाद, हाईकोर्ट आदेश के बावजूद सील तोड़कर घुसे आरोपी, पुलिस जांच शुरू

High Court: हाईकोर्ट, कलेक्टर और तहसीलदार के आदेश के बावजूद बैंक की बंधक संपत्ति पर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के तहत सील किए गए मकान का ताला तोड़कर कुछ लोगों ने अवैध रूप से प्रवेश किया।

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हाईकोर्ट (photo-patrika)

Bilaspur High Court: बिलासपुर हाईकोर्ट, कलेक्टर और तहसीलदार के आदेश के बाद सील किए गए मकान का ताला तोडक़र अवैध रूप से प्रवेश करने का मामला सामने आया है। बैंक ऑफ इंडिया के अधिकृत अधिकारी की शिकायत पर तारबाहर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला विद्या नगर स्थित एक बंधक संपत्ति से जुड़ा हुआ है, जहां बैंक द्वारा ऋ ण वसूली प्रक्रिया के तहत प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी। शिकायतकर्ता सूरज कुमार ने पुलिस को बताया कि वह नया रायपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया एआरबी शाखा में अधिकृत अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।

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उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि 9 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट, कलेक्टर और तहसीलदार के आदेश के पालन में तहसील कार्यालय के स्टाफ, बैंक के अधिकृत रिकवरी एजेंसी सूर्या एसोसिएट्स, बैंक अधिकारियों और तारबाहर पुलिस की मौजूदगी में विद्या नगर स्थित मकान को सील कर ताला लगाया गया था। बंधक संपत्ति जूना बिलासपुर पटवारी हल्का नंबर 22/34/36, भूखंड क्रमांक 270, सीट क्रमांक 21, खसरा नंबर 672/41, रकबा 4000 वर्गफीट बताई गई है।

तीन दिन बाद तोड़ा गया सील

शिकायत के अनुसार, 12 अप्रैल 2026 को मिसरस महामाया वैक्सीन प्रोपाईटर ऋणी फनेन्द्र मिश्रा और ज्योति मिश्रा ने कथित तौर पर सील किया गया ताला तोडक़र मकान में अवैध तरीके से प्रवेश कर लिया। आरोप है कि मकान के बाहर बाउंसर भी तैनात किए गए थे, जिससे बैंक और प्रशासनिक अमले को भीतर जाने में परेशानी हो रही थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 329 और 331(1) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि सील तोडऩे और अवैध प्रवेश की घटना किस परिस्थिति में हुई तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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Published on:
09 May 2026 04:32 pm
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