
Municipal Corporation: बिलासपुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। अरपा पार बंधवापारा स्थित सतबहिनया मंदिर के पास सरकारी जमीन पर बनाए गए दो मंजिला मकान को निगम की टीम ने बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान जोन-8 और अतिक्रमण शाखा की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। निगम का कहना है कि मकान मालिक को निर्माण से जुड़े दस्तावेज पेश करने के लिए तीन बार नोटिस दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
नगर निगम के मुताबिक सतबहिनया मंदिर बंधवापारा निवासी रंजीत कश्यप ने सरकारी जमीन पर दो मंजिला मकान का निर्माण कराया था। निगम की जांच में निर्माण को लेकर दस्तावेज और अनुमति से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। इसके लिए मकान मालिक को अलग-अलग समय पर तीन नोटिस जारी किए गए। निगम अधिकारियों के अनुसार नोटिस मिलने के बाद भी मकान मालिक जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। साथ ही नोटिस का संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया गया। इसके बाद नगर निगम ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए निर्माण को हटाने का फैसला लिया।
नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर जोन क्रमांक-8 और अतिक्रमण शाखा की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची। टीम ने पुलिस और संबंधित अमले की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से दो मंजिला मकान को ढहा दिया। कार्रवाई के बाद निगम ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस दौरान आसपास के लोगों की भी मौके पर भीड़ रही। निगम की टीम ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को लेकर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने साफ किया है कि शहर में सरकारी जमीन, निगम की संपत्ति या सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर अवैध कब्जा और बिना अनुमति निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों और अवैध निर्माण की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान केवल एक मामले तक सीमित नहीं रहेगा। शहर में सरकारी जमीन और निगम की संपत्तियों पर किए गए अन्य अवैध कब्जों की भी जांच की जाएगी। दस्तावेज और निर्माण की वैधता की जांच के बाद जरूरत पड़ने पर संबंधित मामलों में नोटिस और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। निगम प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर किसी तरह का निर्माण करने से पहले संबंधित अनुमति और दस्तावेजों की जांच जरूर कराएं, ताकि बाद में कार्रवाई की स्थिति न बने।